हरियाणा सरकार ने चलाया किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का अभियान 31873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों ने किया सत्यापन
हरियाणा सरकार ने चलाया किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का अभियान 31873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों ने किया सत्यापन

Satya Khabar panchkula
हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है। 31 हजार 873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने के लिए 19 हजार 723 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। इस योजना के अंतर्गत 2500 किसानों को चार ड्रम प्रति किसान की दर से 75 लाख रुपये और 523 देसी गायों की खरीद के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपये अनुदान राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में स्थानांतरित की जा चुकी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सीएम निवास पर भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ बैठक में यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत बाजरा उत्पादक किसानों के खातों में 380 करोड़ रुपये जारी किए हैं। अब तक किसानों को बाजरा भावांतर के रूप में 1600 करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है। सीएम ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से कहा कि वे किसानों के बीच जाएं और उन्हें राज्य सरकार द्वारा लिए किसान कल्याण के फैसलों की जानकारी दें। मुख्यमंत्री ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से कहा कि वे प्रदेश के किसानों को सूक्ष्म सिंचाई करने के लिए प्रेरित करें। इससे जहां पानी की बचत होगी, वहीं फसल पर किसान की लागत में कमी आएगी।
नायब सैनी ने संवाद के दौरान बताया कि हरियाणा आपरेशनल पायलट परियोजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 1 लाख 54 हजार 985 एकड़ भूमि का सुधार किया जा चुका है। लघु और सीमांत किसान परिवारों को 6 हजार रुपये वार्षिक दर से 20 लाख 18 हजार किसानों के खातों में 7233 करोड़ रुपये डाले गये।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 33 लाख 51 हजार से अधिक किसानों को 9127 करोड़ रुपये बीमा क्लेम के रूप में दिए जा चुके हैं। एकमुश्त निपटान योजना के तहत प्रदेश के 6 लाख 81 हजार 182 किसानों और गरीब मजदूरों का 2 हजार 266 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत को पानी योजना के अंतर्गत मिकाडा द्वारा 1144 जल मार्गों की पहचान पुनर्वास के लिए की गई है, जिसमें से 357 जलमार्गों का कार्य पूरा हो चुका। चालू वित वर्ष में उपरोक्त कार्य के लिए 200 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रविधान किया गया है। साथ ही 20 साल से अधिक पुराने रजवाहों को दोबारा पक्का किया जाएगा। सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म कर दिया है। किसानों की तरफ पिछले आबियाने का 133 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपये बकाया माफ किया गया है। सरकार ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 415 रुपये प्रति क्विंटल किया है, जो कि देश में सर्वाधिक है।