SATYA KHABAR,ROHTAK
ASI संदीप लाठर सुसाइड केस की जांच कर रही SIT के लिए यह मामला उतना आसान नहीं है जितना अब तक समझा जा रहा था। इस मामले में सबसे बड़ी बात अब तक यह है कि पुलिस यह भी नहीं ढूंढ पाई है कि संदीप लाठर की मौत जिस गोली से हुई वह कौन सी थी और किस पिस्टल से चलाई गई। इस मामले में गोली का न मिलना पुलिस के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी का कारण बना हुआ है।
अभी यह भी तय नहीं हो पा रहा है कि जब संदीप लाठर ने सुसाइड किया उस समय संदीप लाठर अकेला था या उसके साथ कोई और भी था। हालांकि एक सीसीटीवी में संदीप लाठर स्कूटी पर अकेले जाते हुए दिखाई देता है और माना यह जाता है कि वह सीधा सुसाइड स्थल पर पहुंचा था। लेकिन यह मामला अभी तक काफी पेचीदा बना हुआ है। अब इस मामले में पुलिस फिंगर वेबिंग जांच करवाने जा रही है ताकि इस मामले में कुछ पता चल सके। इस मामले में SIT फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट्स आने के बाद ही आगे बढ़ने की सोच रही है।
रोहतक में ASI संदीप लाठर के सुसाइड का मामला हरियाणा के सीनियर IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड से जुड़ा होने की वजह से हाईप्रोफाइल बना हुआ है। इस मामले में जांच टीम सभी साइंटिफिक सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। यह सुसाइड ही था या कुछ और, इसको कंफर्म करने के लिए फिंगर वेबिंग जांच कराई जा रही है। इसके लिए ASI के शव की स्किन से लिए गए सैंपल को मधुबन स्थित फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। इससे यह पता चलेगा कि गोली कितनी दूरी से चलाई गई थी। यह रिपोर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभी तक उस गोली का खोल बरामद नहीं हुआ है, जो ASI के सिर के आर-पार हो गई थी। फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड ने खेत में बने कोठड़े से लेकर खड़ी फसल तक खंगाली थी।
रोहतक PGI के तीन सदस्यीय डॉक्टरों के पैनल ने ASI संदीप कुमार लाठर के शव का पोस्टमॉर्टम किया था। उंगलियों के बीच झिल्ली (फिंगर वेबिंग) की जांच के लिए स्किन के नमूने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजे हैं, जो आग्नेयास्त्र (रिवॉल्वर जैसे हथियार) से संबंधित मौतों में एक महत्वपूर्ण फोरेंसिक सबूत माना जाता है।
सैंपल इसलिए भेजे गए हैं ताकि वैज्ञानिक तरीके से पता चल सके कि क्या गोली एकदम पास से चलाने की वजह से उंगलियों के बीच की चमड़ी आपस में चिपक गई थी, या फिर ऐसा किसी आग या केमिकल की वजह से हुआ। रिपोर्ट अगले हफ्ते तक आने की उम्मीद है।
ASI संदीप लाठर के शव को पोस्टमॉर्टम से पहले पूरी तरह स्कैन किया गया, लेकिन खोपड़ी के अंदर कोई गोली नहीं मिली। खोपड़ी में दो छेद होने का संकेत था कि गोली आर-पार निकल गई होगी। गोली एक तरफ से प्रवेश कर दूसरी तरफ से बाहर निकली होगी।
रोहतक PGI के एक फोरेंसिक एक्सपर्ट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्किन का वेबिंग निकटतम रेंज से फायरिंग के मामलों में महत्वपूर्ण इंडिकेटर हो सकता है। जब कोई व्यक्ति अपने हथियार से निकटतम रेंज पर गोली चलाता है तो गन माउथ से निकली तेज गर्मी और गैस आस-पास की उंगलियों को जला कर उन्हें जोड़ सकती है। इस प्रक्रिया को वेबिंग के रूप में जाना जाता है। यह फोरेंसिक विशेषज्ञों को हथियार की स्थिति समझने में मदद करता है।
फोरेंसिक एक्सपर्ट के अनुसार, स्किन के सैंपल का विश्लेषण फायरिंग की दूरी के बारे में स्पष्ट एविडेंस प्रदान कर सकता है। लैब में स्किन के सैंपल से टिश्यू में जलने के पैटर्न, केमिकल अवशेष और अन्य संबंधित संकेतों की जांच की जाएगी, जिससे इस केस में कुछ नए तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
अभी खेत के नौकर और ममेरे भाई से ही पूछताछ हुई संदीप लाठर के केस में DSP दिलीप सिंह के नेतृत्व में स्पेशल इनवेस्टिीगेशन टीम (SIT) बना रखी है। SIT ने अभी तक खेत में काम करने वाले नौकर जिलेदार, संदीप लाठर के मामा के लड़के संजय के ही बयान दर्ज किए हैं। इस केस में दिवंगत IPS वाई पूरन कुमार की IAS पत्नी अमनीत पी कुमार, उनके साले पंजाब के विधायक अमित रतन (FIR में अमन रतन), पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार, आईजी दफ्तर के सिक्योरिटी इंचार्ज सुनील व एक अन्य को आरोपी बनाया है। SIT ने अभी नामजद आरोपियों को जांच में शामिल होने का नोटिस जारी नहीं किया है। 6 अक्टूबर को रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में शराब कारोबारी प्रवीण बंसल की शिकायत पर दर्ज करप्शन के केस में गनमैन सुशील कुमार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। बताया जा रहा है कि SIT सरकार की ओर से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद IAS अफसर को पूछताछ में शामिल होने का नोटिस देगी।