हरियाणा सरकार ने प्रोफसर महमूदाबाद के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं दी
कोर्ट ने कहा, ”फिर तो ये चैप्टर क्लोज हो गया”

सत्य खबर हरियाणा
Professor Mahmudabad gets relief : ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट लिखने वाले सोनीपत हरियाणा की अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज मुकदमे को हरियाणा सरकार ने बंद करने का फैसला लिया। हरियाणा सरकार ने यह जानकारी आज सुप्रीम कोर्ट को दी है। कोर्ट ने कहा कि उम्मीद है कि प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद जो कि एक विद्वान प्रोफेसर हैं भविष्य में समझदारी भरा आचरण करेंगे।
दरअसल, अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर टिप्पणी की थी और इस पर हरियाणा पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर की थी। कोर्ट में हरियाणा सरकार ने कोर्ट को बताया गया कि प्रोफसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं दी गई है। इस पर कोर्ट ने कहा, ”फिर तो ये चैप्टर क्लोज हो गया।”
गौर रहे कि ये मामला सोशल मीडिया ऐप फेसबुक पोस्ट से जुड़ा था, जो पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर किया गया था. इस मामले में हरियाणा महिला आयोग ने भी उन्हें तलब किया था, क्योंकि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चर्चा में आईं विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया का जिक्र भी अपनी पोस्ट में किया था।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एक बार की उदारता के तौर पर अभियोजन की मंजूरी नहीं दी गई है और इस मामले को यहीं समाप्त माना जाएगा। उन्होंने बताया कि यह आदेश 3 मार्च 2026 का है और साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी घटना दोहराई नहीं जानी चाहिए। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा ने कहा कि हम इसके लिए आभारी हैं। सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्याकांत ने कहा कि कभी-कभी पंक्तियों के बीच लिखना अधिक समस्याएं पैदा कर देता है। कई बार परिस्थितियां इतनी संवेदनशील होती हैं कि हम सभी को सावधानी बरतनी चाहिए। सीजेआई ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता एक अत्यंत विद्वान व्यक्ति हैं और भविष्य में उन्हें समझदारी के साथ आचरण करना चाहिए।