ताजा समाचारराष्‍ट्रीयवायरलहरियाणा

अनपढ़ के अंग्रेजी में हस्ताक्षर, हाईकोर्ट ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

अवैध खनन से संबंधित याचिका को वापस लेने का किया गया था प्रयास

Satyakhabarindia

 

 

सत्य खबर हरियाणा

Now CBI investigation : कहते हैं कर कितना ही शातिर क्यों ना हो वह कोई ना कोई ऐसा निशान जरूर छोड़ जाता है जिससे वह पकड़ा जाता है। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां अनपढ़ याची के हस्ताक्षर अंग्रेजी में करके याचिका को वापस लेने की अर्जी दायर कर दी गई। जैसे ही अंग्रेजी में हस्ताक्षर कोर्ट के संज्ञान में आए कोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश जारी कर दिए। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। कोर्ट ने तीन माह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में बड़ा खुलासा, हथियार सप्लायर शकील अंसारी गिरफ्तार
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में बड़ा खुलासा, हथियार सप्लायर शकील अंसारी गिरफ्तार

दरअसल मामले में संदेह तब पैदा हुआ जब याचिका वापस लेने का प्रयास किया गया और कोर्ट ने पाया कि याची के हस्ताक्षर अंग्रेजी में हैं।

क्या थी याचिका

महेंद्रगढ़ के बाखरीजा गांव के निवासी अशोक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि एक निजी खनन कंपनी पर्यावरणीय मंजूरी, खनन योजना और वैधानिक नियमों की अनदेखी कर अवैध खनन कर रही है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता के घर के नजदीक भी खनन गतिविधियां चल रही हैं और इसके लिए मुआवजा दिलाने सहित कार्रवाई की मांग की गई थी।

दिल्ली और करनाल के बीच रैपिड रेल कॉरिडोर को मंजूरी एक सप्ताह में : मनोहर लाल

आगे क्या हुआ

मामला अरावली क्षेत्र में अवैध खनन से मिलता-जुलता था। लेकिन इसी बीच याचिकाकर्ता की ओर से अचानक याचिका वापस लेने की इच्छा जताई गई, जिससे अदालत को संदेह हुआ। कोर्ट ने याची को तलब किया तो उसने खुद को निरक्षर बताया। वह यह तक नहीं बता सका कि याचिका में क्या लिखा है, किसने तैयार करवाई और उसने इसे क्यों दायर किया।

क्या पाया अदालत में

अदालत ने यह भी पाया कि नए वकालतनामे पर उसके हस्ताक्षर हिंदी में थे, जबकि मूल याचिका पर अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए थे। अप्रैल के अंतरिम आदेश में खंडपीठ ने कहा था कि पूरा घटनाक्रम अत्यंत संदिग्ध है।
अदालत ने यह भी कहा था कि गंभीर आरोपों वाली याचिका दायर कर बाद में उसे वापस लेने की कोशिश न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग की ओर संकेत करती है। इसी के चलते हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। मामले में अधिवक्ता कंवल गोयल को मौके का निरीक्षण करने के लिए नियुक्त कर चुका है। उनकी रिपोर्ट अब पक्षकारों के निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगी।

पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी, हाईकमान के पास पहुंची पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट
पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी, हाईकमान के पास पहुंची पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट

रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के आदेश

अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि मुख्य याचिका का पूरा रिकॉर्ड रजिस्ट्रार जनरल की सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए और सीबीआई जब भी मांगे, उसे उपलब्ध कराया जाए। कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि वह अज्ञात लोगों द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर याचिकाएं दाखिल करने और उद्देश्य पूरा होने के बाद उन्हें वापस लेने की प्रवृत्ति को स्वीकार नहीं करेगी।

#Haryana #HighCourt #CBIProbe #Illiteracy #JusticeForAll #LegalSystem #EducationMatters #HumanRights #Accountability #SocialJustice #RuleOfLaw #PublicInterest #CrimeInvestigation #LegalAwareness #Empowerment #CivicResponsibility #Transparency #JudicialSystem #CommunitySupport #AwarenessCampaign

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button