पंजाब चुनाव से पहले नवजोत कौर सिद्धू की नई पार्टी ने बदले समीकरण

पंजाब में होने वाले Punjab Assembly Election 2027 से पहले राजनीतिक माहौल तेजी से बदलता नजर आ रहा है। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता Navjot Singh Sidhu की पत्नी Navjot Kaur Sidhu ने नई पार्टी “भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी” के गठन का ऐलान कर दिया है। इस घोषणा ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। नवजोत कौर ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि उनका लक्ष्य पंजाब को फिर से “गोल्डन स्टेट” बनाना और लोगों को न्याय दिलाना है। कांग्रेस से निष्कासन के महज कुछ महीनों बाद उनकी यह एंट्री कई राजनीतिक समीकरणों को बदल सकती है।
डॉक्टर से नेता तक का सफर और राजनीतिक अनुभव
नवजोत कौर सिद्धू का सफर चिकित्सा क्षेत्र से राजनीति तक का रहा है। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद एक गायनेकोलॉजिस्ट के रूप में काम किया और पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल में सेवा दी। वर्ष 2012 में उन्होंने राजनीति में कदम रखते हुए बीजेपी के टिकट पर अमृतसर पूर्व से चुनाव जीता और विधायक बनीं। इसके बाद उन्होंने मुख्य संसदीय सचिव के रूप में भी कार्य किया। उनका राजनीतिक अनुभव और जमीनी पकड़ उन्हें एक मजबूत नेता बनाती है। यही कारण है कि उनकी नई पार्टी को शुरुआत से ही गंभीरता से देखा जा रहा है।

कांग्रेस से टकराव और नई राह की शुरुआत
2016 में नवजोत कौर ने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था। बाद में उनके पति भी कांग्रेस में शामिल हो गए। हालांकि समय के साथ पार्टी नेतृत्व को लेकर मतभेद बढ़ते गए। 2025 में उनके विवादित बयान और नेतृत्व पर उठाए गए सवालों के बाद उन्हें पार्टी से निलंबित किया गया और फिर निष्कासित कर दिया गया। इस बीच उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी जंग लड़ी और जीत हासिल की। बीमारी से उबरने के बाद उन्होंने राजनीति में वापसी की और अब अपनी नई पार्टी बनाकर एक अलग रास्ता चुना है।
2027 चुनाव में बदल सकते हैं समीकरण
नवजोत कौर की नई पार्टी के गठन से पंजाब के चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल राज्य में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच माना जाता है लेकिन अब एक तीसरा मजबूत विकल्प सामने आ सकता है। उनकी पार्टी खासकर कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। अमृतसर जैसे क्षेत्रों में उनका प्रभाव पहले से रहा है जिससे वहां मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। इसके अलावा उनकी पार्टी के नाम और विचारधारा में राष्ट्रवाद और आध्यात्मिकता का मिश्रण साफ नजर आता है जो एक नया राजनीतिक नैरेटिव तैयार कर सकता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि Navjot Singh Sidhu इस नई पार्टी में क्या भूमिका निभाते हैं और यह पार्टी चुनाव में कितना प्रभाव डाल पाती है।