Ola-Uber-Rapido Bike Taxi: अब अगर आप Ola, Uber या Rapido जैसे ऐप पर बाइक बुक करते हैं तो यह पूरी तरह से कानूनी होगा। जी हां अब केंद्र सरकार ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस के तहत यह साफ कर दिया है कि प्राइवेट मोटरसाइकिलों को भी बाइक टैक्सी के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पहले काफी समय से इसको लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी कि क्या निजी दोपहिया वाहनों को कमर्शियल तरीके से उपयोग में लाना सही है या नहीं। लेकिन अब सरकार ने इसपर अपनी मुहर लगा दी है और कहा है कि राज्य सरकारें तय करेंगी कि बाइक टैक्सी सेवा को कैसे चलाना है।
क्या कहते हैं नए नियम?
सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि राज्य सरकारें यह फैसला ले सकती हैं कि बाइक टैक्सी के लिए एग्रीगेटर ऐप्स को लाइसेंस किस आधार पर दिया जाएगा। यह लाइसेंस दैनिक, साप्ताहिक या पखवाड़े के आधार पर भी हो सकता है। इसके अलावा राज्य सरकारें इन ऐप्स से फीस भी वसूल सकती हैं। यानी अगर राज्य चाहे तो वह इस फैसले को लागू करेगा और अगर वह नहीं चाहता तो बाइक टैक्सी सेवा को बंद भी रखा जा सकता है। इसका सीधा मतलब है कि अब राज्य सरकारों को अधिकार दिया गया है कि वे अपने यहां के हालात के हिसाब से फैसला लें।

फायदे क्या होंगे बाइक टैक्सी के?
सरकार का मानना है कि इस कदम से सिर्फ लोगों को सस्ता और सुविधाजनक सफर नहीं मिलेगा बल्कि इससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी। एक बाइक टैक्सी कार के मुकाबले कम जगह घेरती है और कम पेट्रोल खर्च करती है। साथ ही इससे बेरोजगारी भी घटेगी क्योंकि जिनके पास प्राइवेट बाइक है वे अब ऐप के जरिए टैक्सी सर्विस दे सकते हैं और कमाई कर सकते हैं। आज के समय में जब ट्रैफिक एक बड़ा सिरदर्द बन चुका है ऐसे में बाइक टैक्सी तेज और किफायती विकल्प के तौर पर उभर रही है।
कर्नाटक सरकार का रुख अलग, लेकिन केंद्र का आदेश साफ
हालांकि सभी राज्य सरकारें इस फैसले के साथ नहीं हैं। कर्नाटक सरकार ने तो 16 जून से बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक भी लगा दी है। कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि कोर्ट ने बाइक टैक्सी को अवैध घोषित किया है और कंपनियों को इसे रोकने के लिए समय भी दिया गया था। अब समयसीमा खत्म हो चुकी है तो कोर्ट के आदेश का पालन करना जरूरी है। यानी जहां एक ओर केंद्र सरकार ने बाइक टैक्सी को हरी झंडी दे दी है वहीं दूसरी ओर कुछ राज्य सरकारें अभी भी इसपर सख्ती बरत रही हैं। अब देखना होगा कि बाकी राज्यों का रुख क्या रहता है।