PM Modi और मॉरीशस PM ने वाराणसी में साइन किया बहुपक्षीय समझौता, 100 इलेक्ट्रिक बसों का तोहफा भी

गुरुवार को PM Modi ने अपनी संसदीय सीट वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नविंचंद्र रामगूलाम से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत और मॉरीशस केवल साझेदार नहीं बल्कि परिवार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। काशी के प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदियों से मॉरीशस के जीवन में समाहित है और आज भी इसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मॉरीशस भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और ‘विजन ओशन’ का महत्वपूर्ण स्तंभ है। मार्च में उन्होंने मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लिया और उस समय भारत-मॉरीशस संबंधों को ‘एनहांस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया गया। आज की बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए। पीएम मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री और वहां के लोगों को चागोस समझौते की सफलता पर बधाई दी।

शिक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग के समझौते
पीएम मोदी ने बताया कि आईआईटी मद्रास और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट ने मॉरीशस यूनिवर्सिटी के साथ समझौते किए हैं। ये समझौते शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। भारत मॉरीशस की विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा और समुद्री क्षमता मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मॉरीशस का कोस्ट गार्ड शिप भारत में रीफिट किया जा रहा है और इसके 120 अधिकारी भी भारत में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके अलावा हाइड्रोग्राफी, नेविगेशन, चार्ट और डेटा शेयरिंग के क्षेत्र में पांच साल का सहयोग समझौता हुआ है।
ऊर्जा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ है। भारत मॉरीशस को ऊर्जा संक्रमण में मदद कर रहा है। 100 इलेक्ट्रिक बसें मॉरीशस को दी जा रही हैं, जिनमें से 10 बसें पहले ही पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा तामरिंड फॉल्स में 17.5 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट बनाने का निर्णय लिया गया है। पहली जन औषधि केंद्र मॉरीशस में स्थापित हो गई है। भारत 500-बेड AYUSH सेंटर, SSRN अस्पताल, पशु अस्पताल और वेटरनरी स्कूल के निर्माण में भी सहयोग करेगा। इसके अलावा चागोस मरीन प्रोटेक्टेड एरिया, SSR एयरपोर्ट का ATC टावर, हाईवे और रिंग रोड के विस्तार जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जाएगा।
मॉरीशस प्रधानमंत्री का धन्यवाद और सहयोग की सराहना
मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नविंचंद्र रामगूलाम ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह उनकी भारत की चौथी औपचारिक यात्रा है और उन्होंने समझा कि पीएम मोदी को इतनी बड़ी संख्या में क्यों चुना गया। डॉ. रामगूलाम ने बताया कि भारत ने मॉरीशस के विकास और प्रगति की यात्रा में हमेशा सहयोग किया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, आधारभूत ढांचे और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत की मदद से मॉरीशस के लोगों की जीवन गुणवत्ता में वास्तविक बदलाव आया है। उन्होंने इसे शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना में विशेष आर्थिक पैकेज बताया।