राजस्थान-गुजरात के बीच 117 किमी नई Railway Line का काम शुरू, यहाँ बनेगें 15 नए स्टेशन, जानिए पूरी अपडेट

New Railway Line: देश में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजस्थान और गुजरात के बीच अब सफर और भी सुहाना और आसान बनने वाला है। केंद्र सरकार ने 117 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस नई लाइन के साथ-साथ 15 नए रेलवे स्टेशन भी बनाए जाएंगे जो आसपास के गांवों और कस्बों के विकास की नई इबारत लिखेंगे।
रेलवे के इस मेगा प्रोजेक्ट से न सिर्फ लोगों की आवाजाही में सहूलियत मिलेगी बल्कि रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी चमक उठेगी। सरकार इस परियोजना पर करीब 3000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। आइए जानते हैं इस महत्वाकांक्षी योजना की पूरी कहानी।
15 नए स्टेशन से गांवों की किस्मत बदलेगी
नई रेल लाइन के साथ सबसे बड़ी खबर यह है कि इस रूट पर 15 नए रेलवे स्टेशन बनेंगे। इनमें 8 क्रॉसिंग स्टेशन और 7 हाल्ट स्टेशन का निर्माण होगा। इससे उन गांवों को सीधा फायदा मिलेगा जो अब तक रेल कनेक्टिविटी से वंचित थे। आसपास के इलाकों के लोगों के लिए ये स्टेशन लाइफलाइन साबित होंगे।
रेलवे लाइन के नजदीक बसे गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। जहां अभी सिर्फ बसों या प्राइवेट गाड़ियों पर निर्भर रहना पड़ता था वहीं अब सीधे ट्रेनों के जरिए बड़े शहरों तक आना-जाना आसान हो जाएगा। इससे शिक्षा स्वास्थ्य और व्यापार के क्षेत्र में भी नए अवसर बनेंगे।
टेंडर हो चुके जारी
गुजरात और राजस्थान के बीच नई रेल लाइन के निर्माण के लिए सिविल कार्य ब्लास्टिंग सप्लाई ट्रैक वर्क टनल बनाने ब्रिज और स्टेशन बिल्डिंग से जुड़े कामों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इसका मतलब है कि अब काम जमीन पर तेजी से शुरू होने वाला है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 3000 करोड़ रुपए की लागत आएगी। खास बात यह है कि इस रेल लाइन में तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा ताकि कम समय में उच्च गुणवत्ता का निर्माण सुनिश्चित हो सके।
रेल लाइन से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
यह 117 किमी लंबी नई रेल लाइन तरंगा हिल अंबाजी और आबू रोड जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ेगी। इससे दोनों राज्यों के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक इन स्थलों तक पहुँचने में जहां कई साधनों का सहारा लेना पड़ता था वहीं अब डायरेक्ट ट्रेन सेवा उपलब्ध हो जाएगी।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों के लिए भी यह रेल लाइन फायदे का सौदा साबित होगी। होटल रेस्टोरेंट लोकल मार्केट जैसे क्षेत्रों में अच्छा खासा कारोबार बढ़ने की संभावना है।
11 टनल और 54 बड़े पुल बनेंगे
इस प्रोजेक्ट की एक और दिलचस्प बात यह है कि इस नई रेल लाइन पर 11 टनल 54 बड़े ब्रिज और 151 छोटे ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा 8 रोड ओवर ब्रिज और 54 रोड अंडर ब्रिज भी बनेंगे।
इन ब्रिजों और टनल्स का निर्माण सीमित ऊंचाइयों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा जिससे गाड़ियों की आवाजाही पर कोई असर न पड़े। इस पूरी योजना में भारतीय रेलवे का इंजीनियरिंग कौशल बखूबी देखने को मिलेगा।