सुबह-सुबह घाटी में खलबली: 7 जिलों में CIK का बड़ा ऑपरेशन, 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे

जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर बड़ा और सुनियोजित एक्शन देखने को मिला है। काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर यानी CIK ने पुलिस और CRPF के साथ मिलकर घाटी के सात जिलों में एक साथ छापेमारी कर पूरे इलाके में हलचल मचा दी। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह बेहद गोपनीय तरीके से शुरू की गई, जिसमें कुल 12 ठिकानों को निशाना बनाया गया। पुलवामा से लेकर श्रीनगर तक सुरक्षा बलों की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि मामला बेहद संवेदनशील है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह छापेमारी आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों की जांच के तहत की गई है। जिन जिलों में कार्रवाई हुई, उनमें पुलवामा, बडगाम, कुलगाम, श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग और कुपवाड़ा शामिल हैं। इन ठिकानों पर उन लोगों को टारगेट किया गया है, जिन पर ऑनलाइन आतंकवाद के महिमामंडन, कट्टरपंथ फैलाने और युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती के लिए उकसाने के गंभीर आरोप हैं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए देश विरोधी कंटेंट फैलाया जा रहा था, जो न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता था। इसी इनपुट के आधार पर CIK ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इन नेटवर्क्स पर शिकंजा कसना शुरू किया। छापेमारी के दौरान भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
फिलहाल इस ऑपरेशन को लेकर टीम की ओर से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि मामला IPC की धारा 153-A और 505 के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA की धारा 13 और 18 के तहत दर्ज किया गया है। कई लोगों से पूछताछ जारी है और डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं।
गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में पिछले कुछ समय से लगातार ऐसी छापेमारियां हो रही हैं। हाल ही में दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी आतंकी उमर उन नबी को पनाह देने वाले एक कश्मीरी डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद से सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। यह ताजा कार्रवाई इस बात का संकेत है कि घाटी में आतंक के हर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है।