भारत-अमेरिका ट्रेड डील पूरी होने के करीब, क्या टैरिफ पर बनेगा फैसला?

भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौता तय हो चुका है, लेकिन अब पूरी दुनिया की नजर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर है। यह देखना है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर कितने टैरिफ लगाते हैं। इस बीच भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा अपडेट दिया है कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता तेजी से पूरे होने की दिशा में बढ़ रही है। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता सकारात्मक और अच्छा होगा। उन्होंने बताया, “हम सक्रियता से लगे हुए हैं। हम कभी भी किसी डेडलाइन के आधार पर समझौता नहीं करते। तारीख दोनों पक्षों की सहमति के बाद घोषित की जाएगी।”
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अब कोई मुश्किल मुद्दा बचा है। “हम समझौता पूरा करने की ओर बढ़ सकते हैं।” हालांकि इस वार्ता को पिछले साल अगस्त में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के कारण कुछ बाधाएं आई थीं। उस समय अमेरिका ने कहा था कि भारत ने यूक्रेन युद्ध के दौरान भी रूस से तेल खरीदना जारी रखा, जिसके चलते 25 प्रतिशत टैरिफ जुर्माने के रूप में लगाया गया।
अगले व्यापार समझौते पर क्या बोले पीयूष गोयल?
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि अगला व्यापार समझौता किस देश के साथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कैनी इस संबंध में बहुत उत्साहित हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैनी मार्च में भारत का दौरा कर सकते हैं। गोयल ने बताया कि दोनों देश अभी समझौतों की शर्तों और नियमों पर काम कर रहे हैं और जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी।
उन्होंने ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौतों का भी जिक्र किया। गोयल ने कहा कि ब्रिटेन के साथ समझौता बहुत अच्छा रहा और यूरोपीय संघ के साथ भी समझौता इसी तरह सफल होगा। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हर समझौता अलग होता है क्योंकि हर देश की आर्थिक स्थिति, परिस्थितियां और हित अलग होते हैं। इसलिए हर समझौता अपनी विशिष्टता रखता है। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के लोग लगातार इस मामले में भारत के साथ जुड़े रहे और उन्होंने ईमानदारी से काम किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता 2026 तक मंजूर हो जाएगा।

भारत की बदलती आर्थिक छवि और विश्व में सम्मान
पीयूष गोयल ने सरकार की नीतियों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि पहले और अब के बीच सबसे बड़ा फर्क यह है कि भारत आज एक सम्मानित देश बन चुका है। लोग भारत की राजनीतिक स्थिरता, मजबूत आर्थिक स्थिति और निर्णायक नेतृत्व को देखते हैं। यही कारण है कि अन्य देश भारत के साथ व्यापार करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, “विश्व भारत के प्रतिभाशाली संसाधनों को पहचानता है। इसलिए अन्य देश भारत के साथ सहयोग करना चाहते हैं। भारत अब अपनी स्थिति मजबूती से प्रस्तुत करता है।”
गोयल ने बताया कि पहले भारत केवल वर्तमान आर्थिक स्थिति की बात करता था, जो कि गलत रणनीति थी। अब भारत भविष्य की बड़ी अर्थव्यवस्था के बारे में बात करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को दोहराते हुए कहा कि अब हम भविष्य के मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) पर बातचीत कर रहे हैं। “मौजूदा या पिछले समय की बात अब महत्वपूर्ण नहीं रही। आज भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर की है, लेकिन हम 2047 में 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रहे हैं।”
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण
इस पूरे संदर्भ में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही वार्ता अब अंतिम चरण में पहुंच रही है, जिससे व्यापारिक रिश्तों में नई मजबूती आएगी। खासकर तकनीकी, कृषि, औद्योगिक उत्पादों और सेवा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावना खुल रही है। भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होगा। विश्व अब भारत को केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं देखता, बल्कि एक बड़े वैश्विक खिलाड़ी के रूप में मानता है, जो आने वाले दशकों में आर्थिक शक्ति के रूप में उभरने वाला है।