Kiren Rijiju Post: संसद की मर्यादा टूटी? स्पीकर कक्ष वीडियो कांड पर तेज हुई जांच और कार्रवाई

Kiren Rijiju Post: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर के कक्ष में हुए कथित हंगामे को लेकर एक वीडियो जारी कर बड़ा दावा किया है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के सांसदों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए स्पीकर के कक्ष में अवैध रूप से वीडियो रिकॉर्ड किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 से 25 कांग्रेस सांसद एक साथ स्पीकर कक्ष में घुसे। वहां स्पीकर के साथ दुर्व्यवहार किया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर धमकी भरे शब्द कहे गए। रिजिजू ने साफ कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदन में बहस और चर्चा में विश्वास करती है। धमकी और अराजकता की राजनीति का वह समर्थन नहीं करती। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया और इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय कहा।

रिजिजू का कांग्रेस पर सीधा हमला
इससे पहले बुधवार 11 फरवरी को भी किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह स्वयं उस समय स्पीकर कक्ष में मौजूद थे। रिजिजू के अनुसार करीब 20 से 25 सांसद स्पीकर के कक्ष में जबरन दाखिल हुए और स्पीकर ओम बिरला के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं। यदि वह सख्त होते तो उसी समय कड़ी कार्रवाई हो सकती थी। रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद थे। इनमें प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल जैसे नेता शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि ये नेता सांसदों को उकसा रहे थे और माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना रहे थे।
क्या है पूरा मामला और नियमों का उल्लंघन
जानकारी के अनुसार कुछ सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कक्ष के अंदर वीडियो शूट किया। बाद में यह वीडियो मीडिया में प्रसारित हुआ। नियमों के अनुसार स्पीकर का कक्ष सदन का ही हिस्सा माना जाता है। वहां किसी भी प्रकार की वीडियो रिकॉर्डिंग सख्त रूप से प्रतिबंधित है। यह संसद की मर्यादा और गोपनीयता से जुड़ा संवेदनशील क्षेत्र होता है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 4 फरवरी को रिकॉर्ड किया गया था। जैसे ही यह मामला सामने आया राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। इसे संसदीय इतिहास में एक गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।
जांच तेज और सख्त कार्रवाई की तैयारी
स्पीकर कक्ष में वीडियो शूटिंग के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक दोषी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। संसदीय नियमों के उल्लंघन को लेकर विशेष जांच की जा रही है ताकि यह तय हो सके कि वीडियो किसने बनाया और कैसे बाहर जारी किया गया। सत्तापक्ष इसे संसद की गरिमा पर सीधा हमला बता रहा है। वहीं विपक्ष इस पर बचाव की मुद्रा में है। आने वाले दिनों में यह मामला और गर्माने की संभावना है और संसद के अंदर और बाहर इस पर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।