प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायपुर में DGP-IGP सम्मेलन की अध्यक्षता की, सुरक्षा व्यवस्था में नई नीतियों पर हुई गहन चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में Directors General of Police (DGPs) और Inspectors General of Police (IGPs) के वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता की। यह 60वां सम्मेलन भारतीय पुलिस बल की सुरक्षा चुनौतियों और सुधारों पर केंद्रित है। यह सम्मेलन भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर में बंद कमरे की बैठक के रूप में आयोजित किया गया। यह सम्मेलन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श का मंच है।
गृह मंत्री अमित शाह ने सम्मेलन का उद्घाटन किया
शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने नक्सलवाद, उत्तर पूर्व और जम्मू-कश्मीर की समस्याओं के स्थायी समाधान दिए हैं। उन्होंने बताया कि देश में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या तेजी से घट रही है। गृह मंत्री ने पुलिस प्रमुखों से नशीली दवाओं और संगठित अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, खुफिया सूचनाओं को बेहतर बनाने और एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने का आह्वान किया।

संगठित अपराध और ड्रग्स के खिलाफ युद्ध
अमित शाह ने पुलिस बलों को नशीली दवाओं के खिलाफ पूर्ण युद्ध छेड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य पुलिस बल नशीली दवाओं के नियंत्रण ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर काम करें और देश-विदेश में सक्रिय ड्रग गैंगों को समाप्त करें। इसके अलावा, उन्होंने पुलिसिंग के आधुनिकीकरण के लिए नए आपराधिक कानूनों के उपयोग पर जोर दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में दिल्ली के रेड फोर्ट के पास हुए कार बम धमाके में ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकवादी मॉड्यूल को भी बेनकाब किया है।
आधुनिक तकनीकों के साथ सुरक्षा सुधार पर चर्चा
इस सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ रखा गया है। इसमें बाएं पंथ के उग्रवाद, आतंकवाद निरोधक रणनीतियां, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा, फोरेंसिक विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। लगभग 600 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य सुरक्षा बलों को बेहतर उपकरण और ज्ञान प्रदान करना है ताकि वे देश की सुरक्षा को और सुदृढ़ कर सकें।
नई रणनीतियों और भविष्य की रूपरेखा
यह सम्मेलन देश की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के समाधान के लिए रणनीति बनाने और नीति निर्धारण का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी रविवार को इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे और ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत करेंगे। वर्ष 2014 से यह सम्मेलन नई दिल्ली से बाहर आयोजित किया जा रहा है ताकि सुरक्षा एजेंसाओं के लिए नए दृष्टिकोण और अनुभव साझा किए जा सकें। इससे पहले इसे गुहाटी, रण ऑफ कच्छ, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ, जयपुर जैसे विभिन्न शहरों में भी आयोजित किया गया है।