चुनाव से पहले बंगाल में सियासी भूचाल, TMC फैसले से बढ़ी बगावत की आशंका

पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने अपने ही 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर संगठन के अंदर हलचल मचा दी है। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। दूसरी तरफ भाजपा ने इस मौके को भुनाते हुए अपनी रणनीति साफ कर दी है और संकेत दिया है कि इस बार पार्टी में बाहरी नेताओं के लिए दरवाजे बंद रहेंगे।
दिलीप घोष का तीखा हमला
खड़गपुर सदर सीट से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल के विधायक और मंत्री ‘कट मनी’ के इतने आदी हो चुके हैं कि टिकट कटते ही बेचैन हो गए हैं। उन्होंने कहा कि 74 विधायकों के टिकट कटने के बाद पार्टी में भारी असंतोष है और इनमें से कई नेता भाजपा के संपर्क में हैं ताकि उन्हें नया टिकट मिल सके। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बंगाल की राजनीति में अंदरूनी बगावत और दल बदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बीजेपी का ‘नो एंट्री’ फॉर्मूला
दिलीप घोष ने भाजपा की नई रणनीति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि पिछली बार पार्टी से गलती हुई थी जब ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया गया जो जीतने की स्थिति में नहीं थे। इस बार भाजपा ने तय किया है कि किसी भी बाहरी नेता को सीधे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह बयान भाजपा के भीतर एक तरह के फिल्टर सिस्टम के रूप में देखा जा रहा है। 2021 के चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद पार्टी अब ज्यादा सतर्क हो गई है और केवल उन्हीं चेहरों पर दांव लगाना चाहती है जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत हो।
TMC में असंतोष और बदलते समीकरण
तृणमूल कांग्रेस ने जहां 209 में से 135 विधायकों को दोबारा मौका दिया है वहीं 74 के टिकट काट दिए गए हैं और 15 नेताओं की सीट भी बदली गई है। इस सूची से कई बड़े नाम बाहर हो गए हैं जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ने की आशंका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला एंटी इनकंबेंसी को कम करने और नए चेहरों को मौका देने की रणनीति हो सकती है। हालांकि बंगाल की राजनीति में टिकट वितरण हमेशा से संवेदनशील मुद्दा रहा है और यही कारण है कि दल बदल की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। भाजपा ने भले ही ‘नो एंट्री’ का संदेश दिया हो लेकिन आने वाले समय में यह रणनीति कितनी सफल होती है यह देखना दिलचस्प होगा।