RJD की चुनावी हार पर बड़ा सवाल, पार्टी करेगी अपने अंदरूनी कमजोरियों की जांच

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पहली समीक्षा बैठक बुलाई है। यह बैठक RJD नेता तेजस्वी यादव के आवास पर आयोजित की गई है। इस बैठक का मकसद चुनाव हार का विश्लेषण करना और पार्टी की कमजोरियों को समझना है। परिवार के अंदर चल रही लड़ाई के बीच, सभी की नजरें इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हुई हैं।
तेजस्वी यादव के घर पर समीक्षा बैठक, चुनावी नाकामी पर होगी चर्चा
तेजस्वी यादव की 1 पोलो रोड स्थित निवास पर हुई इस बैठक में पार्टी ने चुनाव के नतीजों का गहराई से विश्लेषण किया। संगठनात्मक कमियों और रणनीतियों की खामियों को समझने की कोशिश की गई। पार्टी अब यह जानने में लगी है कि इतनी बड़ी हार के पीछे कौन-कौन से कारण हैं और किसे इसका जिम्मेदार माना जाना चाहिए।

RJD की अब तक की दूसरी सबसे बड़ी हार
लालू प्रसाद यादव ने 1997 में RJD की स्थापना की थी। इसके बाद से पार्टी ने कई चुनावों में जीत और हार दोनों का सामना किया है। यह हार RJD के 28 साल के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी मानी जा रही है। पहले सबसे बड़ी हार 2010 के विधानसभा चुनावों में आई थी, जब पार्टी ने मात्र 22 सीटें जीती थीं। इस बार RJD ने 141 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 25 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी।
तेजस्वी यादव की जीत का अंतर भी घटा
चुनाव परिणामों से यह साफ हो गया कि RJD की स्थिति कमजोर हुई है। तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट पर भाजपा के सतीश कुमार के साथ कड़ी टक्कर दी। अंतिम दौर तक चली कड़ी प्रतिस्पर्धा में तेजस्वी ने महज 14,532 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इससे पार्टी की मजबूती में आई कमी और स्पष्ट हो गई है।
तेज प्रताप यादव भी अपनी हार की समीक्षा करेंगे
लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को महुआ विधानसभा सीट से भारी हार का सामना करना पड़ा। वे करीब 50,000 वोटों से हार गए। इसके अलावा उनके द्वारा मैदान में उतारे गए कई उम्मीदवारों के मतदाता जमा नहीं हो पाए और उनकी डिपॉजिट जब्त हो गई। तेज प्रताप यादव भी आज अपनी हार की समीक्षा बैठक करेंगे और इसके कारणों की पड़ताल करेंगे।