केंद्र की शिक्षा नीति जल्द ही प्रदेश में लागू होगी। हमने केंद्र की नई शिक्षा नीति पर काम करना शुरू कर दिया है। उक्त बातें प्रदेश के शिक्षा एवं वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने शुक्रवार देर शाम पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के महेंद्रगढ़ आवास पर कहीं। पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर का गुलदस्ता देकर व पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि नई शिक्षा नीति को प्रदेश में सबसे पहले लागू करेंगे। हमने प्रदेश में 96 नए कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से ज्यादातर शुरू हो चुके हैं। सरकार संस्कृति मॉडल स्कूल में 1000 प्ले स्कूल खोलने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

 

कोरोना संक्रमण के बावजूद चालू शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में 60 हजार विद्यार्थी बढे हैं। जिन विद्यालयों में 25 से कम विद्यार्थी हैं उन्हें बंद कर दिया गया है। ऐसे विद्यालय के छात्रों को दूसरे विद्यालय में समायोजित किया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों का खुलना केंद्र के निर्देशों पर निर्भर है। कोरोना के चलते अभी प्राथमिक स्तर की कक्षाओं को शुरू नहीं किया गया जा सकेगा, लेकिन केंद्र के आदेश आने पर वरिष्ठ विद्यार्थियों की कक्षा शुरू कर दी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण को शुद्ध बनाने के लिए प्रदेश सरकार का अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के आशीर्वाद व मार्गदर्शन से राजनीति के इस मुकाम तक पहुंचा हूं। उन्होंने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार हुआ।इस मौके पर पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा देश में आजादी के 34 साल बाद कैबिनेट द्वारा नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई है। नई शिक्षा नीति भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

बता दे की रामबिलास शर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए देश के कोने कोने में हर वर्ग के लोगों की राय ली गई है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि नई शिक्षा नीति से पहले इतने बड़े स्तर पर लोगों की राय ली गई। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बीच नई शिक्षा नीति आने वाले भारतवर्ष के विकास एवं भारत को विश्व गुरु बनाने में वरदान साबित होगी। इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे