हरियाणा में प्रदूषण नियंत्रण का नया अभियान, 592 टीमों से राज्यभर में पराली और निर्माण साइटों की निगरानी

हरियाणा में प्रदूषण नियंत्रण का नया अभियान, 592 टीमों से राज्यभर में पराली और निर्माण साइटों की निगरानी

हरियाणा सरकार ने प्रदूषण पर कड़ा नियंत्रण करने के लिए विशेष तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। इस बार केवल फरीदाबाद जिले में ही 149 टीमों को तैनात किया जाएगा, जो पराली जलाने वाले किसानों पर नजर रखेंगे। पूरे प्रभाग में लगभग 592 टीमें सक्रिय होंगी, जो करीब 3,000 किसानों की गतिविधियों पर निगरानी रखेंगी। अगर कोई किसान पराली जलाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। पूरे राज्य में ऐसी ही टीमें पराली जलाने वालों पर निगरानी रखती रहेंगी।

फसल कटाई और अवशेष रिपोर्टिंग

इन टीमों का एक महत्वपूर्ण काम फसल कटाई और बचे हुए पराली अवशेषों की रिपोर्ट तैयार करना भी है। यह रिपोर्ट जिला उपायुक्त के माध्यम से उच्च अधिकारियों को प्रस्तुत की जाएगी। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा इन टीमों के गठन और नियुक्ति की जिम्मेदारी ली जाएगी। आवश्यकतानुसार ग्रेइटेड रेस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के विभिन्न चरणों में टीमों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

हरियाणा में प्रदूषण नियंत्रण का नया अभियान, 592 टीमों से राज्यभर में पराली और निर्माण साइटों की निगरानी

निर्माण स्थलों पर कड़ी निगरानी

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण गतिविधियां भी प्रदूषण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। अब केवल बोर्ड द्वारा अनुमोदित निर्माण स्थल ही काम कर सकेंगे। किसी भी निर्माण स्थल के मालिक के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे बोर्ड से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्राप्त करें। मौजूदा निर्माण स्थलों को भी प्रदूषण नियंत्रण मानकों को पूरा करना होगा। FMDA, नगर निगम क्षेत्रीय कार्यालय और HSVP जैसी विभागीय एजेंसियां NOC जारी करने में सहयोग करेंगी ताकि GRAP लागू होने से पहले सभी मानक पूरे हों।

कड़ी कार्रवाई और जुर्माना

पलवल के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के अनुसार, पराली जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर ₹5,000 से ₹30,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा और FIR दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, ऐसे किसान अगले दो वर्षों तक MSP पर अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे। यह कदम प्रदूषण पर अंकुश लगाने और किसानों को सतर्क करने के लिए उठाया गया है।

सहायता और हेल्पलाइन

सरकार किसानों को पराली जलाने के बजाय आय के स्रोत में बदलने के विकल्प भी उपलब्ध कराएगी। आम जनता भी कृषि और किसान कल्याण विभाग को पराली जलाने की सूचना दे सकती है। इस उद्देश्य के लिए 01275-254060 नंबर की हेल्पलाइन जारी की गई है। इससे न केवल प्रदूषण पर नियंत्रण रहेगा बल्कि किसानों को जागरूक और समर्थ बनाने में भी मदद मिलेगी।

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