सोनीपत में STF-बदमाशों के बीच मुठभेड़, 2 के पैर में लगी गोली, 5 काबू
8 साल के मासूम को होली के दिन अपहरण कर 5 करोड़ की फिरौती मांगने के आरोप

सत्य खबर हरियाणा
Police Encounter : बहादुरगढ़ की एसटीएफ यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार देर रात पुलिस मुठभेड़ के बाद पांच आरोपियों को काबू कर लिया। यह कार्रवाई 20/21 मार्च 2026 की रात को की गई। ये सभी आरोपी थाना बेरी जिला झज्जर में दर्ज मुकदमा नंबर 42 दिनांक 4 मार्च 2026 में वांछित चल रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान चितरंजन उर्फ मनजीत पुत्र राजेंद्र निवासी कंसाला, विश्वजीत उर्फ विनी पुत्र दलजीत निवासी कंसाला जिला रोहतक, दीपांसू उर्फ छोटा पुत्र दलबीर निवासी मकडोली, अशोक उर्फ शोकी पुत्र धर्मबीर निवासी मकडोली और रोहित पुत्र सत्यनारायण निवासी भाली आनंदपुर जिला रोहतक के रूप में हुई है।
झज्जर के बीडीएफ कॉलेज के संचालक के 8 साल के मासूम को होली के दिन अपहरण कर 5 करोड़ की फिरौती मांगने के आरोपियों का आज सोनीपत के गांव मेंहदीपुर के पास एसटीएफ यूनिट बहादुरगढ़ के साथ जब आमना सामना हुआ तो बदमाशों ने एसटीएफ पर गोलियां चलाई। भागने की कोशिश करने में दो बदमाशों को पैर में गोलियां लगी है। स्पेशल टास्क फोर्स के इस ऑपरेशन में घायल बदमाशों के तीन साथियों को भी मौके से धर दबोचने में कामयाबी हासिल हुई है।
आपको बता दें कि होली के दिन यानि कि 4 मार्च को झज्जर के बीडीएफ कॉलेज संचालक के 8 साल के मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया गया, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए बच्चे को तो बरामद कर लिया था लेकिन इस वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की तलाश अभी तक जारी थी। यह बताया जा रहा है कि कॉलेज संचालक ने अपने बेटे को छुड़वाने के लिए पांच करोड़ रुपए फिरौती भी दी थी लेकिन आज सोनीपत के मेंहदीपुर गांव के पास एक बलेरो कार में इस वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की तलाश में जब बहादुरगढ़ स्पेशल टास्क की फोर्स ने बदमाशों को घेरा और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए कहा तो बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चला दी और भागने की फिराक में जुट गए। एसटीएफ के जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए बदमाशों के पैरों में गोलियां चलाई, जिसमें दो बदमाशों मंजीत उर्फ चित्रानंद और बिन्नी के पैरों में गोलियां लगी और अन्य उसके तीन साथियों को धर दबोचने में कामयाबी हासिल की। घायल बदमाशों को सोनीपत सिविल अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती करवाया गया है और अन्य तीन आरोपियों को झज्जर ले जाया गया, जहां तीनों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने मौके से दो अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
पुलिस ने पहले हवाई फायर कर आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन आरोपियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान एक गोली एएसआई विकास की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि दूसरी गोली एएसआई धर्मवीर की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी। दोनों पुलिसकर्मी बुलेट प्रूफ जैकेट होने के कारण सुरक्षित बच गए। पुलिस ने आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की, जिसमें आरोपी विश्वजीत उर्फ विनी के दाहिने पैर में और चितरंजन उर्फ मनजीत के बाएं पैर में गोली लग गई। दोनों आरोपियों को घायल अवस्था में काबू कर लिया गया।
घटना के संबंध में थाना मुरथल जिला सोनीपत में धारा 109(1), 121(1), 132, 221 बीएनएस तथा 25(1बी)(ए), 54 और 59 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने घायल आरोपियों को प्राथमिक उपचार के बाद सरकारी अस्पताल सोनीपत में भर्ती करवाया है। वहीं अन्य तीन आरोपी दीपांसू उर्फ छोटा, अशोक उर्फ शोकी और रोहित को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।