Haryana News: हरियाणा में बन सकते हैं 2 नए जिले! 31 दिसंबर कैबिनेट सब-कमेटी का कार्यकाल बढ़ा

Haryana News: हरियाणा में पिछले नौ सालों से नए जिलों के गठन की जो चर्चा ठंडी पड़ी थी वह अब फिर से गर्मा गई है। राज्य सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट सब-कमेटी का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया है। इसका मतलब साफ है कि सरकार इस बार जिलों की संख्या बढ़ाने को लेकर गंभीर नजर आ रही है। कमेटी की अगली बैठक इसी महीने बुलाई गई है जिसमें जिलों और उपमंडलों के गठन पर आखिरी फैसला लिया जा सकता है।
हांसी और गोहाना सबसे आगे रेस में
पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने संकेत दिए हैं कि हिसार का हांसी और सोनीपत का गोहाना जिला बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। हांसी पहले ही पुलिस जिला है और लोग लंबे समय से इसे प्रशासनिक जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद गोहाना को जिला बनाने का वादा किया है जिससे इसकी संभावना और मजबूत हो गई है।

कमेटी में शामिल हैं बड़े मंत्री और अधिकारी
इस सब-कमेटी में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, राजस्व मंत्री विपुल गोयल और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी सदस्य हैं। अब तक कमेटी की कुल पांच बैठकें हो चुकी हैं और सभी जिलों के उपायुक्तों से फाइनल रिपोर्ट मांगी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि इस पूरे बदलाव का मकसद जनगणना 2026 से पहले सभी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करना है ताकि नई जनसंख्या के अनुसार काम आसान हो सके।
इन क्षेत्रों की भी है जिला बनने की मांग
मानेसर (गुरुग्राम), डबवाली (सिरसा), सफीदों (जींद) और असंध (करनाल) जैसे क्षेत्रों से भी जिला बनने की मांग जोर पकड़ रही है। लेकिन इन इलाकों से अभी तक कमेटी को जरूरी दस्तावेज और प्रस्ताव नहीं मिले हैं। ऐसे में हो सकता है कि इन क्षेत्रों को फिलहाल इंतजार करना पड़े। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि बिना जनसंख्या और स्थानीय प्रतिनिधियों की सहमति के कोई नया जिला नहीं बनाया जाएगा।
नए जिले बनाएंगे प्रशासन को मजबूत
हरियाणा जैसे तेजी से बढ़ते राज्य में प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए नए जिलों का गठन जरूरी माना जा रहा है। इससे न सिर्फ सरकारी सेवाएं लोगों के नजदीक पहुंचेंगी बल्कि विकास योजनाएं भी तेज रफ्तार से लागू हो सकेंगी। खास बात यह है कि सरकार इस बार केवल राजनीतिक दबाव पर नहीं बल्कि ठोस आधारों पर जिले बना रही है।