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अब रेलू राम के परिवार के भाई को खतरा संजीव के बाहर आने के बाद रेलवे राम की कोठी के बाहर दिखाई दी दो गाड़ियां

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रेलूराम पुनिया उनकी पत्नी और बच्चों की हत्या के मामले में दोषी रेलूराम के दामाद संजीव के बाहर आने के बाद पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया की कोठी के बाहर दो संदिग्ध एसयूवी (SUV) गाड़ियां देखे जाने के बाद उनके परिवार ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है।
रेलूराम के भतीजे नवीन पूनिया के अनुसार, दो SUV गाड़ियां कोठी के आगे रुकी थीं। इन गाड़ियों में से एक युवक रेकी (जासूसी) करने के लिए उतरा था। परिवार का मानना है कि इन गाड़ियों में हथियारों से लैस बदमाश हो सकते हैं और यह गतिविधि दामाद संजीव की रिहाई से जुड़ी हो सकती है।

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हाईकोर्ट द्वारा रेलू राम पूनिया के दामाद संजीव और रेलूराम की बेटी सोनिया की 2 महीने की अंतरिम जमानत स्वीकार कर ली गई थी। इसमें दामाद संजीव बाहर आ चुका है और बेटी सोनिया की जमानत के बांड अभी नहीं भरे गए हैं। उसकी जमानत के बांड अगले एक-दो दिन में भरे जाने की उम्मीद है।
नवीन पूनिया ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है और परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है, क्योंकि उन्हें जान का खतरा महसूस हो रहा है।

जब हाईकोर्ट ने सोनिया और संजीव की अंतरिम जमानत स्वीकार की तो उसके बाद रेलू राम के भतीजे जितेंद्र ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कहा- “सोनिया और संजीव जेल से बाहर आए तो हमारी जान को खतरा है।” रेलू राम के भाई राम सिंह के परिवार का कहना है कि यदि रिहाई हुई तो उन्हें जान का खतरा है। परिवार ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और CJI को पत्र लिखकर रिहाई को रोकने की मांग की।
अब संजीव की रिहाई के बाद दो गाड़ियां नजर आने से जितेंद्र और उसके परिवार की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है।

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अब पूरा मामला प्रॉपर्टी के इर्द-गिर्द

बरवाला से पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया की हत्या के 24 साल बाद उनकी प्रॉपर्टी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, हाईकोर्ट द्वारा बेटी सोनिया और दामाद संजीव की रिहाई याचिका मंजूर होने के बाद प्रॉपर्टी संभाल रहे रिश्तेदारों में दहशत है। उनका कहना है कि जैसे उन्होंने अपने परिवार की हत्या की थी, वैसे ही प्रॉपर्टी के लिए उन्हें भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। 23 अगस्त 2001 को पूर्व विधायक रेलू राम पूनिया सहित 8 लोगों की हत्या कर दी गई थी। लितानी गांव के पास स्थित फार्म हाउस में रेलू राम पूनिया (50 साल), उनकी पत्नी कृष्णा देवी (41साल), बेटी प्रियंका (14 साल), बेटा सुनील (23 साल), बहू शकुंतला (20 साल), पोता लोकेश (4 साल) और दो पोतियां-शिवानी (2 साल) और प्रीति (45 दिन) की हत्या की गई थी। सभी को लोहे की रॉड से सोते समय मारा गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि इस नरसंहार की मुख्य वजह जमीन-जायदाद को लेकर गंभीर विवाद था। आरोप था कि रेलू राम की बेटी सोनिया और उसके पति संजीव ने परिवार की संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बनाकर यह हत्याकांड अंजाम दिया था। 100 एकड़ जमीन, दिल्ली के नांगलोई में 13 दुकानें, फरीदाबाद की कोठी, कई अन्य संपत्तियां और 3 कारों के लिए 8 लोगों की हत्या की गई।

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