देशद्रोह के मामले में बढ़ सकती है रामपाल की मुश्किलें, चार पुलिस कर्मचारियों की हुई आज गवाही
देशद्रोह के मामले में बढ़ सकती है रामपाल की मुश्किलें, चार पुलिस कर्मचारियों की हुई आज गवाही

Sant Rampal Ji Maharaj : हरियाणा में हिसार की सेंट्रल जेल में बंद रामपाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आज शनिवार को हिसार कोर्ट में रामपाल की वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए पेशी हुई। सतलोक आश्रम में नवंबर 2014 में भड़की हिंसा के बाद रामपाल पर देशद्रोह के तहत एफआईआर हुई थी।
सतलोक आश्रम प्रकरण से जुड़े देशद्रोह मामले (FIR संख्या 428) में रामपाल की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आज हिसार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। सुनवाई के दौरान चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें सुभाष, जंगबीर और मुकेश शामिल थे। इन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नवंबर 2014 में सतलोक आश्रम में हुई हिंसा के दौरान लगी थी। इन पुलिस कर्मचारियों ने अदालत को उस समय के हालात के बारे में बताया।
रामपाल वर्तमान में हिसार की सेंट्रल जेल-2 में बंद है और सुरक्षा कारणों से उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए की गई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गगन दीप मित्तल की अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 जनवरी 2026 की तारीख तय की है।
बता दें कि हिसार कोर्ट पहले ही सितंबर 2025 में इस मामले में रामपाल की नियमित जमानत याचिका खारिज कर चुका है। अब इस पर 14 जनवरी 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।
यह मामला नवंबर 2014 में बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में हुई हिंसा से संबंधित है, जब रामपाल की गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच भारी झड़प हुई थी। इस हिंसा में 5 महिलाओं और एक बच्चे की मृत्यु हुई थी। हालांकि रामपाल को दो हत्या के मामलों में हाईकोर्ट से सजा के निलंबन (Suspension of Sentence) की राहत मिल चुकी है, लेकिन देशद्रोह का यह मामला अभी भी उन्हें जेल में रखे हुए है। इस मामले में राहत मिलने के बाद ही वह जेल से बाहर आ पाएंगे।