2 साल से लिव इन में रहे, महिला ने साथी की शादी का किया विरोध तो देनी पड़ी जान की कीमत
2 साल से लिव इन में रहे, महिला ने साथी की शादी का किया विरोध तो देनी पड़ी जान की कीमत

Satya Khabar, Panchkula
यमुनानगर में एक 30 वर्षीय महिला के शव मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले में पूरी तरह से खुलासा कर दिया है। उमा की हत्या करने वाला उसका प्रेमी बिलाल अब पुलिस रिमांड पर सब कुछ तोते की तरह बोल रहा है। पुलिस की माने तो बिलाल को उमा की हत्या का ज्यादा दुख नहीं है। उसे दुख है तो इस बात का कि वह फंस गया।
उमा व बिलाल दो वर्ष से लिव इन में सहारनपुर में रह रहे थे। अब बिलाल कहीं और शादी कर रहा था। उसकी 14 दिसंबर को बारात रूड़की के गांव लंढौरा में जानी थी। दो भाइयों की शादी तय थी। बिलाल की शादी का उमा विरोध कर रही थी। उमा को रास्ते से हटाने के लिए ही उसने निर्ममता से हत्या कर दी। बिलाल ने पुलिस रिमांड के दौरान खुलासा किया है कि जब उसका निकाह तय हुआ तो उसने उमा से पीछा छुड़ाने की योजना बना ली थी। वह सात दिसंबर को उमा को घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। बिलाल हथनीकुंड बैराज के रास्ते हरियाणा में घुसा। यहां से वह पांवटा साहिब नेशनल हाईवे से होता हुआ हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब पहुंचा। वहां पर कमरा नहीं मिला। जिसके बाद वह कार में वापस आ रहे थे। रास्ते में भी वह उसकी हत्या करने के बारे में ही सोचता रहा। पहले कलेसर के पास हत्या करने की सोची लेकिन वहां वाहनों की आवाजाही ज्यादा रही। जब वह गांव बहादुरपुर के पास पहुंचा तो उसने कार रोकी। उसने शारीरिक संबंध बनाने की बात कहकर उमा से कपड़े उतरवाए। इसके बाद पीछे की सीट पर सीट बेल्ट की मदद से उसका गला घोंट दिया।
हत्या के लिए पहले से तैयार था बिलाल
पुलिस रिमांड के दौरान बिलाल ने बताया कि वह गर्दन काटने के लिए मीट काटने वाला चाकू घर से ही लेकर चला था। इसका मतलब साफ है कि हत्या अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत की गई। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या के लिए सुनसान जगह तलाशने हेतु लगभग 100 किलोमीटर तक कार चलाई। वह ऐसी जगह चाहता था जहां शव जल्दी न मिले और पहचान छिपाई जा सके। हत्या के बाद आरोपी ने युवती के शव को यमुनानगर की पॉपुलर नर्सरी में फेंक दिया। कटा हुआ सिर और कपड़े करीब 12 किलोमीटर दूर अलग स्थान पर फेंके गए, ताकि पहचान न हो सके। अभी पुलिस को वारदात में प्रयोग मीट काटने वाला चाकू बरामद करना है जिससे उसने गर्दन काटा। वारदात को अंजाम देने के बाद बिलाल पहले कलेसर गया। वहां पर उसने सिर फेंका। इसके बाद वापस सहारनपुर आ गया।
किसी को नहीं होने दिया शक
सहारनपुर आकर भी वह घर नहीं गया। ऐसे ही हाईवे पर कार लेकर घूमता रहा। फिर पूरी रात उसने सरसावा टोल के पास गुजारी। यहां कार साइड में खड़ी कर उसमें सोता रहा। सुबह होने पर वह घर पहुंचा और अपने व बहन के निकाह की तैयारियों में लगा रहा। उसके बाद बिलाल अपनी बारात में दूल्हा बनकर जा रहा था जब पुलिस ने उसे धरदबोचा। अब बिलाल की शादी भी टूट चुकी है। उसके ससुराल वालों ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल से कोई रिश्ता नहीं रखेंगे।
विवादों में रही उमा की जिंदगी
उमा की जिंदगी शुरू से ही विवादों से घिरी रही। वह 13 साल के बेटे ऋषभ की मां थी। पहले पति जॉनी ने बताया कि 15 साल पूर्व उसकी शादी किसी और के साथ तय थी, लेकिन वह मेरे साथ भाग गई थी, फिर डेढ़ साल बाद उसने मेरे से तलाक भी ले लिया।