ताजा समाचारनौकरियां

अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को मिल सकती है बड़ी राहत एक्सटेंशन लेटर होगा जारी, जुर्माना भी होगा माफ

अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को मिल सकती है बड़ी राहत एक्सटेंशन लेटर होगा जारी, जुर्माना भी होगा माफ

Satyakhabarindia

सत्य खबर पंचकूला

हरियाणा सरकार निजी स्कूलों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। प्रदेश में अढ़ाई हजार से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों को फायदा होगा। राज्य सरकार स्कूल सोसाइटियों पर लगे जुर्मानों को माफ करने और अस्थायी स्कूलों को एक्सटेंशन लेटर जारी करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में निजी स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर सीएम सैनी से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को 2808 निजी स्कूलों से जुड़ी समस्याओं और मांगों का ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।

हजारों स्कूलों पर लटक रही तलवार

केंद्र सरकार करवाएगी हरियाणा में 58000 कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण

सरकार ने इस साल अप्रैल महीने में स्कूलों का नया सत्र शुरू होने से पहले ही अभिभावकों से कहा था कि वह स्कूल के मान्यता प्राप्त होने के कागजात अच्छी तरह जांच लें। इसके बावजूद प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल धड़ल्ले से बच्चों के दाखिले कर रहे थे। अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को राहत मिलने की पहले से उम्मीद थी लेकिन अभी तक इस बारे में फैसला नहीं हो पाया है। जिन स्कूलों के पास मान्यता नहीं थी उन स्कूलों पर अब कार्रवाई तेज होगी।

एमआईएस पोर्टल खोलने की भी मांग

संघ के प्रदेश सचिव प्रदीप पूनिया और संरक्षक महावीर यादव ने बताया कि ज्ञापन में प्रमुख मांगों में एमआईएस पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की गई है, जिससे स्कूलों की तकनीकी व प्रशासनिक दिक्कतें दूर की जा सकें। साथ ही स्कूल सोसाइटियों पर लगे जुर्मानों को माफ करने और अस्थायी स्कूलों को वैधता प्रदान करने की अपील की गई।

NCP सांसद सुप्रिया सुले की बेटी ने की शादी, मल्लिकार्जुन खरगे के साथ राहुल गांधी भी पहुंचे
रेवती सुले की शादी में सजी सितारों की महफिल, राजनीति और ग्लैमर का दिखा अनोखा संगम

चिराग, आरटीई व 134-A की राशि समय पर जारी करने की अपील

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से चिराग योजना, 134-A और आरटीई के तहत मिलने वाली राशि समय पर जारी करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त स्कूल बसों पर टैक्स खत्म करने, बसों की आयु सीमा बढ़ाने, स्कूलों में सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी देने और बिजली बिल को एनडीएस की बजाय डीएस कैटेगरी में लाने का आग्रह किया गया। इसके अलावा महापुरुषों की जयंती पर अवकाश देने या न देने का अधिकार स्कूलों को देने की भी मांग ज्ञापन में शामिल थी।

मुख्यमंत्री ने जताई सहानुभूति

दिल्ली और करनाल के बीच रैपिड रेल कॉरिडोर को मंजूरी एक सप्ताह में : मनोहर लाल

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र के सुधार और निजी स्कूलों के हितों को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि स्कूलों पर लगे जुर्मानों की माफी और अस्थायी स्कूलों को विस्तार पत्र जारी करने का निर्णय शीघ्र लिया जाएगा। साथ ही अन्य लंबित मांगों पर भी रिपोर्ट तैयार कर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button