27 साल बाद खुला राज: सिडनी के बॉन्डी बीच हमले का गहरा भारत कनेक्शन

सिडनी के बॉन्डी बीच पर 14 दिसंबर को हुई खूनी घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इस बर्बर हमले के पीछे एक ऐसा भारतीय कनेक्शन है, जिसने इस हादसे को और भी हैरान कर देने वाला बना दिया। तेलंगाना के डीजीपी हरि कृष्ण ने बताया कि इस खूनी हमले में शामिल साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद अकरम का संबंध सीधे तौर पर हैदराबाद से जुड़ा हुआ है।
साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद के निवासी हैं, जिन्होंने करीब 27 साल पहले भारत छोड़कर ऑस्ट्रेलिया जाने का फैसला किया था। हालांकि, आश्चर्य की बात यह है कि साजिद के पास आज भी भारतीय पासपोर्ट मौजूद है। साजिद ने हैदराबाद से बी.कॉम की डिग्री पूरी की थी और नौकरी की तलाश में 1998 में ऑस्ट्रेलिया चले गए। वहीं, उनकी पत्नी वेनेरा ग्रोसो यूरोपीय मूल की हैं, जिनसे उनकी दो संतानें हैं — बेटा नवीद और बेटी।
तेलंगाना डीजीपी ने यह भी बताया कि नवीद और उसकी बहन ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं और भारत में इनके संबंधी हैं, लेकिन पिछले दो दशकों से साजिद और उनके परिवार का भारत से कम संपर्क था। साजिद भारत छह बार आया लेकिन अपने पिता के निधन के समय भी उपस्थित नहीं हो सके। परिवार के सदस्यों ने बताया कि साजिद की कट्टरपंथी सोच का कोई भी संकेत भारत या तेलंगाना से जुड़ा नहीं था। 1998 से पहले उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं था।
बॉन्डी बीच हमले में करीब 16 निर्दोष लोग मारे गए और 60 से अधिक घायल हुए। यह हमला हनुक्का के त्योहार के दौरान हुआ, जब हजारों लोग त्योहार मना रहे थे। साजिद और नवीद ने करीब 20 मिनट तक फायरिंग कर लोगों के बीच दहशत फैलाई। जवाबी कार्रवाई में साजिद को मार गिराया गया जबकि नवीद को गोली लगी, जो अब अस्पताल में इलाजरत है।
यह घटना भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों के लिए एक गंभीर सवाल छोड़ गई है कि कैसे एक ऐसा परिवार जो वर्षों पहले भारत छोड़ चुका था, अचानक इतनी भयानक घटना में शामिल हो गया। पुलिस दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा रही है ताकि पूरी जांच पारदर्शी और निष्पक्ष हो सके।