देश में बिजली की कोई समस्या नहीं, राज्यों के स्तर पर कुछ समस्या हो सकती है : मनोहर लाल
कहा, देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचाना जरूरी इसीलिए तेल की खपत कम करने की अपील की

सत्य खबर हरियाणा
Manohar Lal in Jind : केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि केंद्र ने इस साल गर्मी के सीजन में आई सबसे ज्यादा बिजली की मांग 271 गीगावॉट को पूरा करने का काम किया है। बिजली के कटों को लेकर उन्होंने साफ कहा कि केंद्र की तरफ से कोई समस्या नहीं है और अगर कहीं समस्या रही है तो वह राज्य सरकारों की तरफ से हो सकती है क्योंकि उन्हें केंद्र से बिजली खरीदनी पड़ती है। केंद्रीय मंत्री सोमवार को जींद के गांव बीबीपुर में सुनील जागलान के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इससे पहले जब 250 गीगावॉट की डिमांड आई थी तब भी कमी रह जाती थी लेकिन अब हम इस स्थिति में हैं कि 283 गीगावॉट की मांग को भी पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि अभी उत्तर भारत में गर्मी अपने जोरों पर है दक्षिण भारत में गर्मी का असर कम हुआ है। वहां पर मानसून की दस्तक से गर्मी कम हो रही है, जिससे बिजली की मांग में कमी आएगी और आने वाले दिनों में किसी प्रकार की कोई समस्या लोगों को नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि सुनील जागलान उनके पुराने मित्र हैं और वह बेटियों को लेकर हमेशा अभियान चलाते रहते हैं। उनके इन अभियानों की प्रधानमंत्री ने भी मन की बात कार्यक्रम में प्रशंसा की है। केंद्रीय मंत्री के साथ इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण लाल मिढ़ा, भाजपा के जिला अध्यक्ष तेजेंद्र ढूल, जुलाना से भाजपा के उम्मीदवार रहे योगेश बैरागी, जवाहर सैनी समेत अनेक नेता मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री की तेल बचाओ अपील के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह आज भी केवल तीन गाड़ियों के काफिले में आए हैं। उन्होंने कहा कि जब वह कहीं जाते हैं तो अनेक लोग साथ चलने को तैयार हो जाते हैं लेकिन वह उन्हें मना करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विदेशी मुद्रा को बचाने का अभियान चला रहे हैं और इसी कारण तेल और सोने को नहीं खरीदने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा का भंडार बचेगा तो देश मजबूत होगा।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने करनाल में आरक्षण और क्रीमी लेयर के मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए और डॉक्टर, अधिकारियों जैसे सक्षम परिवारों के बच्चों को इस प्रकार की सुविधा देना उचित नहीं माना जा सकता। मनोहर लाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी को सही संदर्भ में समझने की आवश्यकता है। यह विषय क्रीमी लेयर से जुड़ा है और सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्यों व विधायिकाओं को यह तय करने का अधिकार बताया है कि किसको यह सुविधा दी जाए और किसको नहीं।
आरक्षण का लाभ उन्हीं लोगों तक पहुंचना चाहिए, जिन्हें वास्तव में जरूरत है। डाक्टर अधिकारियों के परिवार सामान्यत: तौर पर संपन्न और उच्च स्तर के होते हैं। ऐसे परिवारों के बच्चों को अलग से आरक्षण का लाभ देना अच्छी बात नहीं है और उन्हें स्वयं भी इस प्रकार की सुविधाओं से पीछे हटना चाहिए।
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