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हरियाणा के जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और करनाल जिले होंगे एनसीआर से बाहर

हरियाणा का 60% क्षेत्र एनसीआर के दायरे से हो जाएगा कम

Satyakhabarindia

 

सत्य खबर हरियाणा

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NCR Delimitation : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का पुनर्सीमांकन होने वाला है। इस सीमांकन में हरियाणा का एनसीआर के बारे में आने वाला क्षेत्र 60% तक कम हो जाएगा। माना जा रहा है कि 16 जून को होने वाली एनसीआर योजना बोर्ड की बैठक में इस पर मोहर लग सकती है।

फिलहाल हरियाणा के 14 जिले नामत: गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, नूंह, पलवल, पानीपत, महेंद्रगढ़, जींद, करनाल, भिवानी और चरखी दादरी एनसीआर क्षेत्र में आते हैं। 5 साल पहले अक्टूबर में हुई एनसीआर योजना बोर्ड की बैठक में नए प्लान को मंजूरी मिली थी जिसमें प्रस्ताव में कहा गया था कि एनसीआर की सीमा दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के गोल दायरे तक ही सीमित रहेगी। अब 16 जून को होने वाली बैठक में इस पर मोहर लग सकती है। अगर 16 जून को इस पर मोर लग जाती है तो हरियाणा का एक बड़ा हिस्सा एनसीआर के दायरे से बाहर हो जाएगा।

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सूत्रों के अनुसार फिलहाल हरियाणा का 25327 वर्ग किलोमीटर एनसीआर के दायरे में है और नया नियम लागू होने के बाद यह क्षेत्रफल घटकर 10546 वर्ग किलोमीटर रह जाएगा। करनाल की दूरी दिल्ली से 113 से 121 किलोमीटर है, जिस कारण करनाल एनसीआर से बाहर होगा। महेंद्रगढ़ की दूरी 112 किलोमीटर से ज्यादा है और यह भी एनसीआर से बाहर हो जाएगा। जींद की दूरी 103 किलोमीटर से ज्यादा है ऐसे में जींद भी इससे बाहर होगा। भिवानी की दूरी 107 किलोमीटर से ज्यादा है इसके भी बाहर होने की संभावनाएं ज्यादा है। चरखी दादरी की दूरी 83 किलोमीटर है इसलिए चरखी दादरी का कुछ हिस्सा एनसीआर के दायरे में जा सकता है। भिवानी को नेशनल हाईवे 148 बी का लाभ मिल सकता है और उसका कुछ हिस्सा एनसीआर में बना रह सकता है।

इस मामले में हरियाणा सरकार का अपना रुख भी काफी सख्त है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने यह सहमति दी है कि 100 किलोमीटर के दायरे में जो तहसीलें आंशिक रूप (थोड़ी बहुत) से आ रही हैं, उन्हें भी एनसीआर में शामिल माना जाए। लेकिन, हरियाणा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल उन्हीं तहसीलों को एनसीआर का हिस्सा मानेगा जो पूरी तरह (100%) से इस 100 किलोमीटर के दायरे के भीतर आती हैं। हरियाणा की इस शर्त के कारण राज्य के 5 से 6 जिलों पर बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।

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