कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ पर हमला! रामलीला मैदान में होगी बड़ी रैली | SIR विवाद पर देशभर में आंदोलन

कांग्रेस ने “वोट चोरी” और एसआईआर (Systematic Voter List Revision) को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए अब बड़ा जन आंदोलन छेड़ने की तैयारी कर ली है। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची में हेराफेरी कर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने देशभर में 5 करोड़ से अधिक लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए हैं और अब इसे जनता के बीच और मजबूती से उठाने जा रही है।
5 करोड़ हस्ताक्षरों के साथ बड़ा आंदोलन
कांग्रेस ने अक्टूबर महीने में “वोट चोरी बंद करो” अभियान के तहत पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया था। यह अभियान 5 नवंबर को पूरा हुआ, जिसमें 5 करोड़ से अधिक लोगों ने समर्थन दिया। इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने 8 नवंबर को सभी राज्यों के पार्टी मुख्यालयों में इन हस्ताक्षरों के साथ विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। सभी राज्यों से जुटाए गए दस्तावेज दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां इन्हें मीडिया के सामने रखा जाएगा।
दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली
कांग्रेस ने अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली आयोजित करने का फैसला किया है। यह रैली नवंबर के आखिरी हफ्ते या दिसंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है। इसमें INDIA ब्लॉक के सहयोगी दलों के नेताओं को भी न्योता भेजा जाएगा। रैली में कांग्रेस इन 5 करोड़ हस्ताक्षरों को जनता के सामने रखेगी और उसके बाद इन्हें राष्ट्रपति को सौंपेगी, ताकि देश के सर्वोच्च पद तक यह आवाज पहुंचे।
सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग
कांग्रेस ने साफ किया है कि वह इस मामले में खुद सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी, बल्कि उम्मीद करती है कि सुप्रीम कोर्ट स्वयं इस पर संज्ञान ले। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट और एसआईआर की खामियों को तथ्यात्मक रूप से उजागर किया है, जो सीधे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। इसलिए देश की सर्वोच्च न्यायपालिका को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
बिहार से देशव्यापी चिंता
कांग्रेस ने यह भी कहा कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मामला अदालत में है, लेकिन फैसला आने से पहले ही पहले चरण का मतदान उसी वोटर लिस्ट पर करा दिया गया। यही नहीं, चुनाव आयोग ने बिहार का फैसला आए बिना देश के अन्य राज्यों में भी एसआईआर शुरू करने का निर्णय ले लिया। कांग्रेस का कहना है कि यह कदम मतदाता सूची में गड़बड़ी और सत्ता के पक्ष में चुनावी हेरफेर का संकेत है।
कांग्रेस अब इस मुद्दे को जनता के बीच व्यापक रूप से ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर यह आंदोलन देशव्यापी रूप ले सके।