भारत पहुंचे जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज, PM मोदी से अहम रणनीतिक और सुरक्षा वार्ता आज

जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज सोमवार को अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर पहुंचे। यह दौरा भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। दो दिवसीय यात्रा के लिए वह 12 से 13 जनवरी तक भारत में रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर आए चांसलर शोल्ज का अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर बातचीत होने की उम्मीद है। भारत और जर्मनी के रिश्ते बीते कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं और इस यात्रा को उसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
अहमदाबाद में रहेगा व्यस्त कार्यक्रम
जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के दौरे का कार्यक्रम काफी व्यस्त रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी पहली मुलाकात अहमदाबाद में ही होगी। कार्यक्रम के अनुसार दोनों नेता सुबह करीब साढ़े नौ बजे साबरमती आश्रम का संयुक्त दौरा करेंगे। इसके बाद सुबह दस बजे साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने का एक खास अवसर माना जा रहा है। इसके बाद महात्मा मंदिर में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। यह बैठक सुबह ग्यारह बजकर पंद्रह मिनट पर शुरू होगी जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल रहेंगे। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग पर फोकस
भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी को हाल ही में पच्चीस वर्ष पूरे हुए हैं। ऐसे में इस दौरे के दौरान अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बातचीत में व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर खास जोर रहेगा। इसके साथ ही उन्नत तकनीक शिक्षा और लोगों की आवाजाही से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी बातचीत के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेगा। दोनों देश विज्ञान नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में मिलकर काम करना चाहते हैं। हरित और सतत विकास को लेकर भी साझा योजनाओं पर विचार किया जाएगा ताकि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों का मिलकर सामना किया जा सके।
पहले भी हो चुकी है अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर ओलाफ शोल्ज की पिछली मुलाकात जी सेवन शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। उस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई थी। उसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चांसलर शोल्ज को आधिकारिक भारत यात्रा का निमंत्रण दिया था। अब यह दौरा उसी पहल का परिणाम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संपर्क को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। शिक्षा कौशल विकास और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर बातचीत हो सकती है। कुल मिलाकर यह दौरा भारत और जर्मनी के रिश्तों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है और आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहराई मिलेगी।