जयपुर जासूसी केस: बबीता धाकड़ की 15 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ी, ATS स्लीपर सेल एंगल की जांच में जुटी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में कथित जासूसी और आतंकी संगठन से जुड़े मामले में गिरफ्तार बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा की न्यायिक हिरासत 15 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। सुरक्षा कारणों से सोमवार को उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। मामले की जांच कर रही एटीएस अब उसके संभावित संपर्कों और कथित नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई अदालत में पेशी
सोमवार को जयपुर सेशन कोर्ट की सीजेएम-2 अदालत में बबीता धाकड़ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराई गई। अदालत ने उसकी 15 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया और जेल में ही रखने के निर्देश बरकरार रखे।
इससे पहले सात दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद एटीएस ने उसे वेकेशन कोर्ट में पेश किया था, जहां से दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इस बार एटीएस ने अदालत से पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की।
एटीएस की जांच में क्या सामने आया?
एटीएस के अनुसार, बबीता धाकड़ को 20 जून को जयपुर से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

एटीएस का आरोप है कि बबीता ने ऑनलाइन धर्म परिवर्तन कर इस्लाम स्वीकार किया और अपना नाम खदीजा रख लिया। जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि उसने कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक व्यक्ति से निकाह करने के उद्देश्य से धर्म परिवर्तन किया था।
पाकिस्तान जाने की कथित तैयारी की जांच
जांच एजेंसी के मुताबिक, पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई है कि वह कथित रूप से पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रही थी। एटीएस का दावा है कि वहां उसे शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाना था। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि उसने इंटरनेट के माध्यम से किस प्रकार की जानकारी हासिल की थी और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे।
इन दावों की जांच अभी जारी है और अदालत में इनकी पुष्टि होना बाकी है।
स्लीपर सेल नेटवर्क की पड़ताल जारी
बबीता धाकड़ मूल रूप से राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली है। शादी के कुछ समय बाद वह अपने पति से अलग होकर जयपुर में अपने पिता के घर रहने लगी थी।
अब एटीएस की जांच का प्रमुख फोकस इस बात पर है कि क्या वह अकेले सक्रिय थी या फिर उसने कथित तौर पर राजस्थान में किसी संभावित नेटवर्क या अन्य लोगों से भी संपर्क स्थापित किया था। इसी एंगल से जांच एजेंसी उसके डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।
जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष आना बाकी
फिलहाल मामला जांच के चरण में है और एटीएस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता।