महिला भागीदारी बढ़ाने पर PM मोदी का जोर लोकतंत्र को बताया और मजबूत कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि देश की नारी शक्ति भारत की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती है और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत अहम है। उन्होंने उल्लेख किया कि सितंबर 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। अब आवश्यकता इस बात की है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। पीएम मोदी के अनुसार यह कदम लोकतंत्र को अधिक समावेशी और संतुलित बनाएगा।
पीएम मोदी का ब्लॉग और लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल
अपने ब्लॉग में प्रधानमंत्री ने लिखा कि 21वीं सदी में भारत एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पड़ाव की ओर बढ़ रहा है जहां लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल होने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह समय समानता समावेशन और जनभागीदारी को नए रूप में आगे बढ़ाने का है। संसद का यह निर्णय महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई ऊर्जा देगा और उन्हें लोकसभा तथा विधानसभाओं में उचित स्थान दिलाने में सहायक होगा। पीएम मोदी ने इसे केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं बल्कि करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया।

त्योहारों और सामाजिक मूल्यों के बीच संदेश का महत्व
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जाने वाले त्योहारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि असम में रोंगाली बिहू ओडिशा में महा बिशुबा पणा संक्रांति पश्चिम बंगाल में पोइला बैशाख केरल में विषु तमिलनाडु में पुथांडु और पंजाब व उत्तर भारत में बैसाखी जैसे पर्व लोगों के जीवन में नई आशा और उत्साह का संचार करते हैं। साथ ही उन्होंने महात्मा फुले की 200वीं जयंती और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती का भी उल्लेख करते हुए सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों को याद दिलाया जो आधुनिक भारत की दिशा तय करते हैं।
महिला सशक्तिकरण और भविष्य की दिशा
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल प्रतिनिधित्व का विषय नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील संतुलित और उत्तरदायी बनाने का प्रयास है। उन्होंने पिछले 11 वर्षों में महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों जैसे शिक्षा स्वास्थ्य वित्तीय समावेशन और बुनियादी सुविधाओं में सुधार का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि राजनीति और विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को उनकी वास्तविक भूमिका के अनुरूप बढ़ाया जाए। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करें ताकि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र की नींव रख सके।