Political News: बजट से पहले विपक्षी नेताओं का करारा हमला, उम्मीदों पर जताई भारी निराशा

Political News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट पेश करने से पहले विपक्षी दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी ने साफ कहा, “मुझे इस बजट से कोई उम्मीद नहीं है।” वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस बजट को ‘विकृत बजट’ करार दिया और कहा कि यह केवल देश की 5% आबादी के लिए है। उनका आरोप था कि भाजपा सिर्फ अपनी ही जनता को खुश करने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में सपा सांसद रामगोपाल यादव ने भी कहा कि उनके मन में इस बजट को लेकर कोई उम्मीद नहीं है। विपक्ष की ये प्रतिक्रियाएं इस बात को दर्शाती हैं कि सरकार की नीतियों को लेकर उनकी नाराजगी और आलोचना अभी भी जारी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद मनीष तिवारी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की कई गहरी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में संरचनात्मक समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है। निजी पूंजी निवेश में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है और विदेशी निवेश भी कम हो रहा है। उन्होंने वित्त मंत्री से उम्मीद जताई कि वे भारतीय अर्थव्यवस्था में मौजूद असमानताओं को स्वीकार कर उनकी सुधारात्मक कोशिशें करेंगी। वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार से सख्त सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवाओं को हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब 24 करोड़ नौकरियों का हिसाब मांगा जा रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने और काला धन वापस लाने के वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने महंगाई और कर नीतियों पर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि देश की आर्थिक व्यवस्था सरकार ने बर्बाद कर दी है।

वहीं सरकार के केंद्रीय मंत्री बजट को लेकर आशावादी नजर आए। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पिछले 11 वर्षों से सरकार का उद्देश्य भारत को विकसित करना रहा है और 2014 से अब तक के सभी बजट इसी लक्ष्य की ओर एक कदम थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बजट भी भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में सहायक साबित होगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजु ने इस बजट को ऐतिहासिक बताया और कहा कि प्रधानमंत्री का ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ तेजी से विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसे ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ का बजट बताया, जो देश की उन्नति के लिए आवश्यक है।
बजट से जुड़ी उम्मीदें और विवाद जारी
बजट पेश होने से पहले की ये प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत हैं कि सरकार और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी ओर से जनता को संतुष्ट करने की कोशिश में लगे हैं। विपक्ष सरकार की नीतियों को कठोर शब्दों में आलोचना कर रहा है और देश की आम जनता को राहत देने की मांग कर रहा है। वहीं सरकार इसके विपरीत विकास और सुधार की योजनाओं को आगे बढ़ाने का दावा कर रही है। बजट में क्या-क्या प्रावधान होंगे और वे कितने कारगर साबित होंगे, यह आने वाले समय में ही साफ होगा। फिलहाल देश की जनता और विशेषज्ञ दोनों की निगाहें वित्त मंत्री के बजट भाषण पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट होगा कि सरकार आर्थिक सुधारों को लेकर कितनी गंभीर है और क्या-क्या नई घोषणाएं करती है।