प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदिरा गांधी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, सोशल मीडिया पर लिखा खास संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री, इंदिरा गांधी की 108वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री ने लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।” इंदिरा गांधी को “भारत की आयरन लेडी” के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने देश की सेवा में अद्भुत साहस और समर्पण का परिचय दिया।
इंदिरा गांधी का जीवन और राजनीतिक योगदान
इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज), उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे पंडित जवाहरलाल नेहरू की एकमात्र संतान थीं और बचपन से ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहीं। उन्होंने दो बार प्रधानमंत्री पद संभाला। पहली बार 1966 से 1977 तक और फिर 1980 से 1984 तक। उनका नेतृत्व भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय लेकर आया। उनकी नीतियों और निर्णयों ने देश के विकास को नई दिशा दी।

मजबूत नेतृत्व और ऐतिहासिक फैसले
इंदिरा गांधी के कार्यकाल को कई ऐतिहासिक उपलब्धियों से जोड़ा जाता है। उनके शासनकाल में 1971 का भारत-पाक युद्ध हुआ जिसने बांग्लादेश का निर्माण सुनिश्चित किया। उन्होंने बैंक राष्ट्रीयकरण का कार्य किया जिससे आर्थिक व्यवस्था में सुधार हुआ। ग्रीन रिवोल्यूशन की शुरुआत भी उनके नेतृत्व में हुई, जिसने कृषि उत्पादन को बढ़ावा दिया। साथ ही भारत ने परमाणु परीक्षण कर अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत किया। इन्हीं उपलब्धियों के कारण उन्हें “आयरन लेडी” कहा गया।
अंत्य संघर्ष और अमर स्मृति
31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की अपने ही अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई। यह घटना भारतीय राजनीति के लिए एक अत्यंत दुखद क्षण था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “अंतिम बलिदान, एक मिलियन सलाम” कहकर याद किया। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी उनकी नेतृत्व क्षमता और समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका साहस और देशभक्ति हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगी। इंदिरा गांधी का नाम भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
इंदिरा गांधी का अमिट योगदान और देश के प्रति समर्पण
इंदिरा गांधी ने अपने जीवन को देश की एकता, अखंडता और विकास को समर्पित कर दिया। उन्होंने देश की सेवा के लिए अपने सभी संसाधन और शक्ति लगा दी। उनके नेतृत्व ने भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी विरासत आज भी युवाओं को प्रेरित करती है कि वे अपने देश के लिए समर्पित होकर काम करें। उनकी 108वीं जयंती पर देश उन्हें नमन करता है और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेता है।