हरियाणा में मौसम की मार से किसानों की तैयार फसल हुई नष्ट, गिरदावरी के आदेश
फसल के दाने हुए काले, उत्पादन पर भी पड़ा असर, अभी खराब रहेगा मौसम

सत्य खबर हरियाणा
Crop destroyed due to weather : पिछले 15 दिनों से हरियाणा में मौसम की मार से किसानों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। 100 से ज्यादा गांव में फसलों को नुकसान होने की खबर है। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, यमुनानगर, कैथल में फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
लोहारू क्षेत्र में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की गेहूं व सरसों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई गांवों में 50-70% तक फसलें खराब हो गई हैं, जो खेतों में गिरकर गलने और अंकुरित होने लगी हैं। 40 साल बाद ऐसी लगातार बारिश से गेहूं का दाना काला पड़ गया है।
नूंह जिले में बेमौसमी बारिश ने हालात खराब कर दिए हैं। यहां अधिकतर फसलें अभी खेतों में खड़ी हैं और पूरी तरह तैयार नहीं हुई थीं। ऐसे में बारिश के कारण फसल काली पड़ने लगी है और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। नूंह के किसानों का कहना है कि वे पहले ही महंगे बीज, खाद और मजदूरी के खर्च से परेशान थे। अब बारिश के कारण फसल खराब होने से उन्हें दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है। मजदूरों की कमी और कटाई में आ रही दिक्कतों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
अंबाला में तेज आंधी और बारिश ने किसानों के लिए चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी। खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई. किसानों का कहना है कि इस नुकसान के कारण आर्थिक हानि हो रही है। जब खेतों में खड़ी हमारी पकी फसल इतनी जल्दी बर्बाद हो जाती है, तो सरकार को इसका अंदाजा होना चाहिए। हमारी फसल सुरक्षित नहीं रही और हमें नुकसान झेलना पड़ा।
इधर, बरसात के कारण मंडियों में गेहूं की फसल भीगी हुई मिली। किसानों को अब उसे दोबारा सुखाने की प्रक्रिया करनी पड़ेगी। यह अतिरिक्त समय और लागत का कारण बन रहा है। पीड़ित किसानों का कहना है कि, जो फसल मंडी में गई, वह भीग गई है। हमें उसे दोबारा सुखाना पड़ेगा, इससे समय और मेहनत दोनों की हानि हो रही है।
पीड़ित किसानों का कहना है कि जब फसलों के अवशेष जलाने की तस्वीर सेटेलाइट से सरकार को मिलती है, तो बर्बादी की जानकारी क्यों नहीं होती। हमारी सरकार से मांग है कि सरकार समय पर फसल खरीदे और नुकसान का मुआवजा दे। अगर फसल खरीदने में देरी होती है, तो हमारी मेहनत का पूरा नुकसान हो जाता है। सरकार को चाहिए कि वे समय पर कदम उठाएं और किसानों को राहत दें।
राज्य सरकार देगी मुआवजा
राज्य सरकार ने तुरंत सक्रिय होकर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी लेने और नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने सभी अधिकारियों से रिपोर्ट मांगते हुए कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में नुकसान हुआ है तो इसकी सूचना तुरंत उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल किसी जिले से फसल नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी जिलों से अनौपचारिक जानकारी ली गई है। सीएम नायब सिंह सैनी ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए थे कि जहां-जहां नुकसान हुआ है, उसकी गिरदावरी पूरी पारदर्शिता के साथ करें और क्षेत्र के एसडीएम खुद मौके पर जाकर स्थिति देखें। रिपोर्ट तैयार होने पर उपायुक्त उसका आकलन कर मुख्यालय को भेजेंगे।
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