रूस के विधायक Abhay Kumar Singh का बड़ा बयान: भारत के लिए S-500 मिसाइल डील आज तय हो सकती है?

Abhay Kumar Singh: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत की दो दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे हैं। इस दौरे के दौरान भारत और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण रक्षा और व्यापार समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। पुतिन के साथ बड़ी टीम भारत आएगी, जिसमें रूसी स्वास्थ्य मंत्री भी शामिल होंगे। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, रक्षा, तकनीकी और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रूस ने भारत को Su-57 फाइटर जेट और S-500 मिसाइल रक्षा प्रणाली की पेशकश की है, जिन पर बातचीत इस यात्रा के दौरान हो सकती है।
अभय कुमार सिंह का समर्थन और सुझाव
भारतीय मूल के रूसी सांसद अभय कुमार सिंह ने भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत को S-500 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने पर भी विचार करना चाहिए, क्योंकि यह अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। अभय कुमार सिंह ने बताया कि रक्षा और हथियारों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। उनका मानना है कि तकनीक लगातार विकसित हो रही है, और भारत को ऐसी हथियार प्रणालियों को हासिल करना चाहिए जो देश की सुरक्षा और सामरिक क्षमता को और मजबूत बनाए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि रूस के साथ अनुबंध कर इस तकनीक को भारत में लाया जाए।
अभय कुमार सिंह कौन हैं?
Abhay Kumar Singh रूस की United Russia Party (URP) के सदस्य हैं और वर्तमान में कुर्स्क, पश्चिमी रूस से डिप्टी के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें 2017 और 2022 में कुर्स्क से दो बार चुना गया। अभय कुमार सिंह का जन्म बिहार के पटना में हुआ था। 1991 में वे चिकित्सा की पढ़ाई के लिए रूस आए। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि रूस की कठोर ठंड के कारण वे भारत लौटने वाले थे, लेकिन उनके डीन एलेना, जिन्हें वे अपनी माता के समान मानते हैं, ने उन्हें वहां रहने और पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रेरित किया।

अभय कुमार सिंह ने अपनी पढ़ाई के दौरान पुतिन को देखा और उनसे प्रेरित हुए। उनका मानना है कि पुतिन ने रूस को मजबूती प्रदान की है और रूस अब अमेरिका के बराबरी के स्तर पर खड़ा है। इसके बाद उन्होंने कुर्स्क में स्थायी रूप से बसकर राजनीति में कदम रखा और आज दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भारत-रूस सहयोग के नए अवसर
पुतिन की यह दो दिवसीय भारत यात्रा रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान Su-57 फाइटर जेट और S-500 मिसाइल रक्षा प्रणाली सहित कई बड़े रक्षा सौदे होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे। इसके अलावा, भारत को अत्याधुनिक हथियार और तकनीक प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे देश की सुरक्षा और सामरिक क्षमता को और बढ़ावा मिलेगा। इस यात्रा के परिणामस्वरूप भारत-रूस के बीच दीर्घकालिक सहयोग और भी विस्तृत रूप से स्थापित हो सकता है।