हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुआ नुकसान, पारा सामान्य के आसपास
3 अप्रैल से फिर हरियाणा में बारिश की संभावना

सत्य खबर हरियाणा
Haryana Weather Update : हरियाणा में मंगलवार दोपहर को अचानक मौसम खराब होने के बाद हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, महेंद्रगढ़, रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर, जींद में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। मौसम विभाग की ओर से आगामी एक सप्ताह तक मौसम में बदलाव व तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी की आशंका जताई जा रही है। हरियाणा में कोई स्थान पर तेज हवाओं के कारण काफी नुकसान हुआ है। कई जगह पेड़ भी उखड़ गए है जिस कारण वाहन चालकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
देर रात तक हरियाणा के कई इलाकों में रुक रुक कर बारिश होती रही। आज सुबह हरियाणा में मौसम एक बार फिर साफ दिखाई दे रहा है लेकिन मौसम विभाग ने आज अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, कैथल, पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र में बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में कल बारिश की संभावना नहीं है लेकिन 3 अप्रैल को फिर मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का आंशिक असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी मौसम प्रणाली कमजोर पड़ गई है। इसका आंशिक प्रभाव बरकरार है। इस वजह से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान व आसपास के क्षेत्र के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है जिसकी वजह से संपूर्ण इलाके में बादलों की आवाजाही देखने को मिली।
मौसम विभाग ने एक और दो अप्रैल को एक दो स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी तथा ज्यादातर स्थानों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना जताई है। वहीं, 3 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। तीन से 5 अप्रैल तक प्रदेश के कई भागों में आंधी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 7 अप्रैल को एक और विक्षोभ सक्रिय होने से फिर से मौसम में बदलाव की संभावना बन रही है।
कल हिसार जिले में हिसार शहर के साथ-साथ किरतान, खारिया, मात्रश्याम, सीसवाला, शाहपुर, रावलवास, रेवाड़ी जिले में कव्वाली, गोठड़ा, लिसान, धरचाना, आसरा का माजरा, राजगढ़, टाकड़ी, शाहपुर, नांगल तेजू, पनवाड़, हरचंदपुर, कालड़ावास में ओलावृष्टि देखने को मिली। महेंद्रगढ़ जिले में शहर में ओलावृष्टि हुई। भिवानी जिले के सिवानी, लेघां, फतेहाबाद जिले में सूलीखेड़ा, किरढान, नागपुर, सिरसा जिले में झिड़ी अलीका, पंजमाला, पन्नीवाला रलदू में ओलावृष्टि हुई।
फतेहाबाद में पेड़ों की बड़ी-बड़ी टहनियां टूटकर हांसपुर रोड पर गिर गईं। तेज आंधी की वजह से कई पेड़ भी उखड़ गए। इस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। फतेहाबाद में ही शिव चौक स्थित एक मकान की छत गिर गई। हालांकि, कोई इसकी चपेट में नहीं आया। कमरे में सिर्फ सामान रखा हुआ था।
एक दिन पहले यानी सोमवार को भी दोपहर बाद मौसम बदला था। सुबह तक प्रदेश के अधिकतर जिलों में धूप थी। दोपहर 12 बजे के बाद गुरुग्राम, हिसार, नारनौल, महेंद्रगढ़, कैथल और पानीपत में हल्की से मध्यम बारिश हुई। पानीपत में तो तेज हवाएं भी चलीं। शाम को सोनीपत में बारिश हुई थी।
हरियाणा में अधिकतम तापमान
प्रदेश में मंगलवार को अधिकतम तापमान में पहले दिन के मुकाबले 0.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। गुरुग्राम में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके बाद पलवल में 34.4, अंबाला और गुरुग्राम में 33.9 डिग्री, सोनीपत 33.7, सिरसा 33.6, नूंह में 33.4, करनाल 33.2, हिसार 32.9, भिवानी 32.4, पानीपत 32.2, यमुनानगर 32.1, जींद 31.8 और रोहतक में 31.4 डिग्री दर्ज किया गया।
हरियाणा में न्यूनतम तापमान
न्यूनतम तापमान में पहले दिन के मुकाबले 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है और यह भी वर्तमान में सामान्य के आसपास बना हुआ है। हरियाणा के करनाल में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नूंह में न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो प्रदेश में सबसे ज्यादा था। प्रदेश के अंबाला में न्यूनतम तापमान 19.3, हिसार में 17.1, नारनौल में 16, रोहतक में 19.2, भिवानी में 20.5, चरखी दादरी में 18.1, गुरुग्राम में 17.9, जींद में 16.7 करनाल में 15 दर्ज किया गया।
किसान गेहूं की निगरानी करें
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए ही खेती करें। गेहूं की फसल में पीले रतुए की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता होने पर ही कीटनाशक का प्रयोग करें। सरसों और अन्य फसलों में कीट प्रबंधन पर ध्यान दें। बदलते मौसम और बढ़ती नमी के कारण फसलों में रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सतर्क रहें। खराब मौसम के दौरान फसलों पर छिड़काव और सिंचाई न करें। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने और उनके खान-पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
गेहूं की फसल को नुकसान
बारिश और ओलावृष्टि से सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। वहीं, रेवाड़ी में मंडी में रखी हुई सरसों की फसल भीगी है। फतेहाबाद और सिरसा में ओलावृष्टि से किसानों की हजारों एकड़ गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई। भिवानी और महेंद्रगढ़ जिले में भी बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है।
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