नरबलि के लिए की गई थी बच्ची की हत्या पुलिस खंगाल रही तांत्रिकों और ओझाओं को
नरबलि के लिए की गई थी बच्ची की हत्या पुलिस खंगाल रही तांत्रिकों और ओझाओं को

Satya Khabar,Gurugram
Gurugram में नरबलि का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार एक सप्ताह पहले केएमपी के किनारे ग्रीन बेल्ट में मिले एक बच्ची के बॉडी पार्ट्स के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और वहां से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इसे सीधे तौर पर नरबलि का मामला मानती है। बता दें कि एक सप्ताह पहले पुलिस को एक करीब 6 साल की बच्ची का सिर और पैर मिला था लेकिन पुलिस अभी तक बच्ची का धड़ नहीं ढूंढ पाई है। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वर्तमान में पुलिस के सामने सबसे पहली समस्या बच्ची की शिनाख्त की है। एक सप्ताह बाद भी बच्ची के शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस ने आसपास के सभी स्थानों में गुमशुदा बच्चों की डिटेल मांगी है लेकिन ऐसी कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिली है जिससे बच्ची की शिनाख्त की जा सके। बच्ची की शिनाख्त होने के बाद इस मामले में जांच को नई दिशा मिल सकती है। बच्ची की हत्या 16 या 17 नवंबर को की गई है।
वह कारण जिससे लगता है नरबलि का मामला
बच्ची का सिर जिस जगह मिला, उससे करीब 100 कदम दूर झाड़ियों में उसके सिर के बालों का एक साफ-सुथरा गुच्छा मिला, जो कैंची से काटा गया था। तंत्र-मंत्र की कई विधियों में बलि के बाद सिर के बाल काटकर अलग रखे जाते हैं या पूजा में इस्तेमाल किए जाते हैं। यह सामान्य हत्यारे का तरीका नहीं होता। पुलिस को सिर्फ सिर और एक पैर मिला है, जबकि धड़ बरामद नहीं हुआ। तांत्रिक अनुष्ठानों में अक्सर धड़ को अलग ले जाया जाता है या जला दिया जाता है, क्योंकि उसमें सबसे ज्यादा शक्ति मानी जाती है। सिर और पैरों को अलग फेंकना तंत्र प्रथा में आम है ताकि शव की शिनाख्त मुश्किल हो जाए और अनुष्ठान पूरा माना जाए। ऐसा ही मामला 5 जनवरी, 2020 को मानेसर में हुआ था। 9 साल के लड़के की हत्या कर दी गई थी। पुलिस को लाश मिलने वाली जगह के पास एक मरा हुआ कबूतर भी मिला था। बच्चे के शरीर से कुछ बाल भी काटे हुए मिले थे।
वर्तमान मामले में बच्ची की उम्र लगभग साढ़े 6 से 8 साल के बीच है। मौत के समय बच्ची स्वस्थ थी। हैरान करने वाली बात यह है कि बच्ची का कटा हुआ सिर जिस जगह मिला था, उसके पास ही बाल अलग मिले हैं। उसके सिर पर कोई बाहरी चोट का निशान नहीं था, लेकिन गले की हड्डियां गायब हैं और धड़ नहीं मिला है। दोनों पैरों की उंगलियों में अभी भी नेल पॉलिश के हल्के निशान थे। नाखून पूरी तरह स्वस्थ थे। इसी से पुलिस को तंत्र-मंत्र में मर्डर का शक हुआ है।
जांच अधिकारी रमेश गुलिया ने बताया कि पूरी प्लानिंग के साथ बच्ची का मर्डर किया गया है। सभी एंगल को लेकर जांच कर रहे हैं। तंत्र-मंत्र का इसलिए शक ज्यादा है, क्योंकि इस तरह की प्रथा में अक्सर बलि के बाद सिर के बाल काटकर अलग रखे जाते हैं, ताकि उन्हें बाद में अनुष्ठान में इस्तेमाल किया जा सके।उन्होंने बताया कि हत्यारा नहीं चाहता था कि पूरा शव एक जगह मिले। धड़ अभी तक नहीं मिला है। संभव है कि उसे कहीं और फेंका गया हो या जला दिया गया हो। यह तांत्रिकों की पुरानी पद्धति से पूरी तरह मेल खाता है। उन्होंने अपील की है कि अगर किसी को कोई जानकारी मिले तो पुलिस के साथ शेयर करें ताकि बच्ची की शिनाख्त हो सके और उसके कातिल का पता चल सकें।
पुलिस की जांच
पुलिस को लड़की का फ्रॉक घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला है, उस पर कोई टैग नहीं था। फ्रॉक पर कढ़ाई थी और साइज भी 6 से 8 साल की बच्ची का है। पहचान के लिए पुलिस आसपास के थानों से लापता बच्चों की डिटेल खंगाल रही है। बॉडी पार्ट्स से डीएनए सैंपल भी लिया गया है। कोई परिजन सामने आता है तो डीएनए मैच करवाया जाएगा। पहचान के लिए पुलिस आसपास के थानों से लापता बच्चों की डिटेल खंगाल रही है।
पुलिस ने बनाई तांत्रिकों और ओझाओं की सूची
गुरुग्राम के साथ साथ नूंह जिले के तावड़ू, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका और राजस्थान के अलवर, भरतपुर तक के करीब 50 से ज्यादा तांत्रिकों-ओझाओं की सूची बनाई गई है। इनमें से कई को डिटेन करके पूछताछ की जा चुकी है।