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राजनीतिक विवाद में फंसी जननायक, Supreme Court में आज अहम सुनवाई पर फैसला

Satyakhabarindia

विजय अभिनीत तमिल फिल्म ‘जननायक’ से जुड़ा विवाद अब देश की Supreme Court तक पहुंच गया है। Supreme Court ने तय किया है कि वह गुरुवार को इस फिल्म के निर्माता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगा। यह याचिका मद्रास हाई कोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती देती है जिसमें एकल न्यायाधीश के फैसले पर रोक लगा दी गई थी। एकल न्यायाधीश ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन को फिल्म को तुरंत प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया था। लेकिन बाद में हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने उस आदेश को स्थगित कर दिया। अब इस पूरे मामले पर Supreme Court of India की नजर है और इससे फिल्म के भविष्य को लेकर उम्मीद और असमंजस दोनों बने हुए हैं।

किस बेंच के सामने होगी अहम सुनवाई

Supreme Court की कॉज लिस्ट के मुताबिक इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच के सामने होने की संभावना है। निर्माता पक्ष ने अदालत से आग्रह किया है कि मद्रास हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगाई जाए ताकि फिल्म को प्रमाणन मिल सके और रिलीज का रास्ता साफ हो। इससे पहले 9 जनवरी को Madras High Court ने एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगाकर मामला और जटिल कर दिया था। उस फैसले के बाद यह साफ हो गया था कि जब तक उच्च अदालतें कोई अंतिम फैसला नहीं देतीं तब तक फिल्म की रिलीज अधर में रहेगी। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल ‘जननायक’ बल्कि भविष्य में राजनीतिक विषयों पर बनी फिल्मों के लिए भी एक मिसाल तय हो सकती है।

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राजनीतिक थीम और बढ़ता विवाद

फिल्म ‘जननायक’ शुरुआत से ही अपने राजनीतिक विषयों को लेकर विवादों में रही है। यह फिल्म अभिनेता Vijay के हालिया राजनीतिक कदमों के बाद और ज्यादा चर्चा में आ गई है। विजय ने हाल ही में अपनी राजनीतिक पार्टी Tamizhaga Vetri Kazhagam की घोषणा की है। इसके बाद फिल्म की कहानी और उसके संदेश को लेकर अलग अलग तरह की बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों का मानना है कि फिल्म राजनीतिक प्रचार जैसा प्रभाव डाल सकती है जबकि निर्माता पक्ष का कहना है कि यह एक रचनात्मक अभिव्यक्ति है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत देखा जाना चाहिए। इसी कारण Central Board of Film Certification की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।

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निर्माता की दलीलें और आगे का रास्ता

फिल्म के निर्माता KVN Productions LLP ने हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की है। निर्माता का कहना है कि एकल न्यायाधीश के आदेश के बावजूद प्रमाणपत्र जारी न होना कानूनन गलत है और इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उनका तर्क है कि सेंसर बोर्ड को अदालत के निर्देश का पालन करना चाहिए था। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है क्योंकि वहां से आने वाला फैसला तय करेगा कि ‘जननायक’ को रिलीज की हरी झंडी मिलेगी या विवाद और लंबा खिंचेगा। यह मामला सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है बल्कि यह रचनात्मक स्वतंत्रता न्यायपालिका और राजनीतिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन की बड़ी बहस को भी सामने लाता है।

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