Haryana News: हरियाणा विधानसभा में HCS अधिकारी की नियुक्ति पर बवाल! सांसद वरुण चौधरी ने उठाए सवाल

हरियाणा सरकार की ओर से हाल ही में जारी ट्रांसफर ऑर्डर में 2016 बैच के HCS अधिकारी राजीव प्रसाद को हरियाणा विधानसभा में सचिव पद पर नियुक्त किया गया है। यह पहली बार है जब इस संवेदनशील और अहम पद पर किसी HCS अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इससे पहले तक इस पद पर सीनियर IAS अफसरों की ही तैनाती होती रही है।
कांग्रेस सांसद ने उठाई नियुक्ति पर आपत्ति
इस फैसले पर अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने तीखी आपत्ति जताई है। उन्होंने राज्यपाल असीम घोष को एक पत्र लिखकर इस नियुक्ति को सर्वोच्च विधायी संस्था का अपमान बताया है। वरुण चौधरी का मानना है कि यह निर्णय न केवल परंपराओं के खिलाफ है बल्कि इससे विधानसभा की कार्यप्रणाली पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

नियमों और परंपराओं को लेकर उठा सवाल
वरिष्ठ पदों पर आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति एक स्थापित परंपरा रही है, खासकर जब बात विधानसभा जैसी सर्वोच्च संस्था की हो। राजीव प्रसाद का अनुभव और सेवाकाल अभी सीमित माना जा रहा है और ऐसे में उन्हें सचिव पद पर नियुक्त करना कई लोगों के लिए हैरानी की बात बन गया है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह परंपरा और योग्यता दोनों के खिलाफ है।
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
यह मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं रहा बल्कि राजनीतिक रंग भी पकड़ चुका है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के महत्व को कम आंकने का आरोप लगाया है। वहीं सत्ताधारी दल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन माना जा रहा है कि यह विवाद आने वाले समय में और भी तूल पकड़ सकता है।
क्या बदलेंगे प्रशासनिक पदों के मानक?
अब सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार HCS अधिकारियों को बड़े संवैधानिक पदों पर नियुक्त कर परंपराएं तोड़ने का संकेत दे रही है? क्या यह नियुक्ति अपवाद है या आने वाले समय में यही नया मानक बन जाएगा? विपक्षी दलों ने इस पर खुली बहस की मांग की है और राज्यपाल से हस्तक्षेप की उम्मीद जताई है।