बड़े राजनीतिक मुद्दों को सुलझाने में माहिर हैं मुख्यमंत्री नायब सैनी
पहले राव इंद्रजीत सिंह और अब कुलदीप बिश्नोई को ठीक से साधने में पाई सफलता

सत्य खबर हरियाणा
CM Nayab Saini and Kuldeep Bishnoi : जब व्यक्ति बड़े पद पर पहुंचता है तो उसका मैं बड़ा हो जाता है, लेकिन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मैं को हम में बदल दिया है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री बड़े से बड़ी समस्या को चुटकियों में हल कर लेते हैं। कुलदीप बिश्नोई से पहले जब राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी का दौर था तो भी हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राव इंद्रजीत के निवास पर जाकर लंच किया और राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी दूर हो गई।

अब कुलदीप सिंह की नाराजगी को उन्होंने तीन दिन की दो मुलाकातों में पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। तीन दिन में मुख्यमंत्री और कुलदीप की दूसरी मुलाकात को बिश्नोई की भाजपा में जहां रिश्तों की फिर से एक नई शुरूआत के रूप में देखा रहा है तो वहीं अब स्वयं कुलदीप व उनके समर्थक भाजपा द्वारा उनके परिवार को दिए जा रहे सम्मान से संतुष्ट नजर आते हैं।
भाजपा की राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल पर की गई कथित टिप्पणी के बाद चौधरी भजनलाल के पुत्र एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई जिस प्रकार खुलकर सामने आए उसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी। कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी केवल व्यक्तिगत प्रतिक्रिया नहीं थी बल्कि उसमें अपने पिता की राजनीतिक विरासत और सम्मान के प्रति गहरी संवेदनशीलता साफ दिखाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जिस तीखे अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया दी उससे यह संकेत मिलने लगे थे कि मामला अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा। ये भी अनुमान था कि कुलदीप बिश्नोई 3 जून को अपने पिता स्वर्गीय चौधरी भजन लाल की पुण्यतिथि पर कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं ने जब जन्म लिया तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहल करते हुए न केवल चौधरी भजन लाल को सम्मानित नेता बताया बल्कि मामले को शांत करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए। इसी की बानगी है कि हमेशा मुस्कुराते हुए दिखने वाले नायब सैनी ने शालीनता का परिचय देते हुए इस सारे मामले का पटाक्षेप करने की मंशा से कुलदीप बिश्नोई से मिलने का निर्णय ले लिया और वे सोमवार को सांय कुलदीप बिश्नोई के दिल्ली स्थित आवास पर मिलने पहुंच गए। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। तीन दिन के अंतराल में ही नायब सिंह सैनी ने एक बार फिर बड़प्पन दिखाया और बुधवार को आदमपुर में स्वर्गीय चौधरी भजन लाल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंच गए। काफी देर तक सभा में रहे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्वर्गीय चौधरी भजन लाल को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ साथ कुलदीप बिश्नोई के पारिवारिक सदस्यों व उनके समर्थकों से भी मुलाकात की। ऐसे में कहा जा सकता है कि सी.एम. सैनी की शालीनता से ये विवाद अब शांत हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब कुलदीप बिश्नोई को लेकर नई रणनीति पर काम कर सकती है। पार्टी यह अच्छी तरह समझती है कि बिश्नोई समुदाय सहित कई सामाजिक वर्गों में कुलदीप बिश्नोई की मजबूत पकड़ है। ऐसे में आने वाले समय में उन्हें संगठन या सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। आदमपुर की श्रद्धांजलि सभा के बाद अब यह लगभग स्पष्ट माना जा रहा है कि भाजपा और कुलदीप बिश्नोई के रिश्तों में आई तल्खी धीरे-धीरे कम होगी।
यदि भाजपा कुलदीप बिश्नोई को नई जिम्मेदारी देती है तो यह केवल एक नेता को सम्मान देने का मामला नहीं होगा बल्कि यह हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में राजनीतिक समीकरणों को साधने की बड़ी रणनीति का हिस्सा भी माना जाएगा। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि चौधरी भजनलाल की विरासत आज भी हरियाणा की राजनीति में उतनी ही प्रभावशाली है, जितनी उनके जीवनकाल में हुआ करती थी।
#HaryanaPolitics #NayabSaini #PoliticalLeadership #ChiefMinister #HaryanaDevelopment #PoliticalSolutions #Governance #HaryanaCM #LeadershipInAction #PoliticalIssues #HaryanaNews #SainiForChange #EffectiveGovernance #HaryanaUpdates #PoliticalStrategy #HaryanaLeaders #CivicEngagement #PublicPolicy #HaryanaFuture #SainiLeadership