SIR को लेकर हरियाणा कांग्रेस एक्शन मोड में, एक्शन एवं मॉनिटरिंग कमेटी का गठन
जिला प्रभारियों की नियुक्ति कर सौंपे दायित्व, हर वोट पर रहेगी नजर

सत्य खबर हरियाणा
Haryana SIR : हरियाणा में SIR की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है। इस प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान वोट कटने और वोट जुड़ने पर निगरानी को लेकर जिला प्रभारियों की नियुक्ति करने का काम किया है।

विधायक अशोक अरोड़ा को कुरुक्षेत्र और करनाल, विधायक आफताब अहमद को नूंह और अंबाला, विधायक बीबी बत्रा को सोनीपत, रोहतक और झज्जर तथा विधायक चंद्र प्रकाश को हिसार और हांसी का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा कुलदीप शर्मा को यमुनानगर, करण सिंह दलाल को पलवल और फरीदाबाद, डॉ. एमएल रंगा को रेवाड़ी और चरखी दादरी, रणधीर राणा को कैथल और पंचकूला, धर्मवीर गोयत को जींद, विनय यादव को महेंद्रगढ़ और भिवानी, बिजेंद्र रंगा को गुरुग्राम, मोहन ढिल्लो को सिरसा और फतेहाबाद तथा श्वेता ढुल को पानीपत जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हरियाणा की राजनीति में पहला बड़ा चुनाव अगले साल स्थानीय निकाय का आने वाला है जबकि विधानसभा चुनाव में अभी 3 साल से ज्यादा का समय बचा है। लेकिन कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियों को नई गति दे दी है। निर्वाचन आयोग के विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को कांग्रेस ने राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने का अवसर बना लिया है।
इसी रणनीति के तहत हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्यव्यापी एक्शन एवं मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के निर्देश पर गठित इस समिति में विधायकों, पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है। इन नेताओं को जिलावार जिम्मेदारियां सौंपते हुए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि पार्टी अब मतदाता सूची से लेकर बूथ प्रबंधन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएगी।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनाव केवल मतदान वाले दिन नहीं जीते जाते, बल्कि उनकी नींव मतदाता सूची तैयार होने के समय ही रखी जाती है। यही वजह है कि कांग्रेस ने अपने नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में बीएलए-1 और बीएलए-2 कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें करें, पुनरीक्षण प्रक्रिया की समीक्षा करें और किसी भी संभावित गड़बड़ी पर तुरंत नजर रखें। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची का शुद्ध और पारदर्शी होना लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो और किसी प्रकार की अनियमितता समय रहते सामने लाई जा सके।
बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने की कवायद
हरियाणा की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बूथ प्रबंधन निर्णायक कारक बनकर उभरा है। कांग्रेस भी अब इसी मोर्चे पर अपनी ताकत बढ़ाने में जुटी दिखाई दे रही है। समिति के सदस्य न केवल मतदाता सूची पुनरीक्षण की निगरानी करेंगे, बल्कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर संगठनात्मक नेटवर्क को भी मजबूत करेंगे। इससे पार्टी को जमीनी फीडबैक मिलने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में नई सक्रियता का संचार होने की उम्मीद है। दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व यह मानकर चल रहा है कि मजबूत बूथ नेटवर्क ही किसी भी चुनावी लड़ाई की असली ताकत होता है। इसलिए पार्टी ने मतदाता सूची अभियान को संगठन विस्तार और कार्यकर्ता सशक्तिकरण से जोड़ दिया है।
मतदाता सूची से आगे की रणनीति के संकेत
कांग्रेस का यह कदम केवल मतदाता सूची पुनरीक्षण तक सीमित नहीं है। इसके जरिए पार्टी ने संकेत दिया है कि वह आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए अभी से अपने संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय और चुस्त-दुरुस्त बनाने में जुट गई है।
मतदाता सूची की निगरानी, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जिलों में वरिष्ठ नेताओं की जवाबदेही और जमीनी नेटवर्क का विस्तार, इन सभी को जोड़कर देखें तो कांग्रेस की यह पहल दरअसल चुनावी तैयारी के एक बड़े रोडमैप का हिस्सा नजर आती है। यानी हरियाणा में कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के बहाने बूथ स्तर पर अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक कवायद शुरू कर दी है। आने वाले महीनों में यह अभियान पार्टी की संगठनात्मक ताकत और चुनावी रणनीति, दोनों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
#HaryanaCongress #SIRAction #MonitoringCommittee #HaryanaPolitics #CongressInAction #HaryanaDevelopment #PoliticalEngagement #HaryanaUpdates #PublicWelfare #GovernanceInHaryana #HaryanaLeadership #CommunityAction #SIRInitiative #HaryanaNews #PoliticalAccountability #HaryanaProgress #CivicEngagement #HaryanaIssues #CongressLeadership #HaryanaFuture