पंचायत वोटर लिस्ट से स्मृति ईरानी का नाम गायब होने पर विवाद, SDM ने दी सफाई

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद सामने आया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री Smriti Irani का नाम ग्राम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होने पर सवाल उठने लगे थे, जिसके बाद प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
गौरीगंज की उप-जिलाधिकारी (SDM) प्रीति तिवारी ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि स्मृति ईरानी का नाम पिछली पंचायत मतदाता सूची में पहले से ही दर्ज नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2026 के पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान भी उनकी ओर से नाम जोड़ने के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। इसलिए यह कहना गलत है कि उनका नाम सूची से हटाया गया है।
एसडीएम के अनुसार, पंचायत, विधानसभा और लोकसभा की मतदाता सूचियां अलग-अलग होती हैं। Smriti Irani का नाम विधानसभा और लोकसभा मतदाता सूची में दर्ज है और वह गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र की मतदाता भी हैं, लेकिन ग्राम पंचायत सूची में उनका नाम पहले से शामिल नहीं था।
इस बीच, मेदन मवई गांव की ग्राम प्रधान बबिता मिश्रा ने निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर स्मृति ईरानी का नाम पंचायत मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वह गांव की निवासी हैं, तो उनका नाम पंचायत सूची में भी होना चाहिए और नियमानुसार इसे जोड़ा जाना चाहिए।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन प्राप्त होता है तो आवश्यक जांच और औपचारिकताओं के बाद नाम जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, हालांकि प्रशासन इसे पूरी तरह प्रक्रियात्मक मुद्दा बता रहा है।
यह पूरा मामला एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि भारत में अलग-अलग चुनावों के लिए मतदाता सूची की संरचना अलग होती है और उसमें नाम दर्ज कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रक्रिया के तहत पूरी करनी होती है।