मालवीय नगर आग हादसे में CA विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार खत्म दर्दनाक खुलासा

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके के होटल फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। यह हादसा उस समय हुआ जब कई परिवार अपने मरीजों के बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर यहां ठहरे हुए थे। आसपास बड़े अस्पतालों की मौजूदगी के कारण यह होटल मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एक सामान्य ठहराव का केंद्र बना हुआ था। लेकिन अचानक लगी आग ने सब कुछ बदल दिया और कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए खत्म कर दीं।
सीए विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार आग की चपेट में
इस हादसे में गुरुग्राम निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार बर्बाद हो गया। विवेक, उनकी पत्नी तरजिनी, मां प्रेम लता, दोनों बेटियां जीविसा और वारिया सहित कुल आठ सदस्य इस आग में जिंदा जल गए। परिवार का कोई भी सदस्य बच नहीं सका, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। पड़ोसियों ने बताया कि विवेक एक सरल और मिलनसार व्यक्ति थे, जबकि उनकी पत्नी सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई थीं। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

आखिरी कॉल में बचने की उम्मीद, लेकिन आग ने सब छीन लिया
परिजनों के मुताबिक हादसे के दौरान विवेक अग्रवाल ने अपने रिश्तेदार को फोन कर कहा था कि शायद अब वे बच नहीं पाएंगे। उन्होंने आग और धुएं से बचने के लिए गीला कपड़ा मुंह पर रखने की सलाह भी दी थी, लेकिन हालात तेजी से बिगड़ते गए। रिश्तेदार जब मौके पर पहुंचे तो वहां सिर्फ तबाही का मंजर था। आग और धुएं के गुबार में पूरा परिवार फंस चुका था और कोई भी सुरक्षित बाहर नहीं निकल सका। यह कॉल अब परिवार के आखिरी शब्दों के रूप में याद की जा रही है।
होटल की संकरी गली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि होटल भले ही मुख्य सड़क पर था, लेकिन अंदर जाने का रास्ता बेहद संकरा था। आग लगने की स्थिति में न तो कोई पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट था और न ही बचाव के उचित इंतजाम। इसी कारण लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है, लेकिन इस घटना ने शहरी होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।