SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा सक्रिय, बाकी दलों की रुचि नहीं
सीपीआई ने 270 इनेलो ने 217 बीएलए बनाए, जजपा और बसपा का एक भी नहीं

सत्य खबर हरियाणा
SIR in Haryana : हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 का कार्य सोमवार से शुरू होगा। हरियाणा के घर-घर में 20,629 बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ घर-घर पहुंचकर मतदाताओं की मैपिंग करेंगे। इस दौरान मतदाताओं को फॉर्म दिए जाएंगे। मतदाताओं को वह फॉर्म भर के बीएलओ को देने होंगे। यदि कोई मतदाता अपने घरों में नहीं मिलता है तो बीएलओ उनके घर पर एक पर्ची पर फोन नंबर और पूरी सूचना देकर जाएंगे। बीएलओ ऐसा कार्य तीन बार करेंगे।

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवासन ने रविवार को सचिवालय में पत्रकारों से वार्ता की। पत्रकार वार्ता के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण की विस्तृत जानकारी दी। ए श्रीनिवासन ने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में सोमवार से 20,629 बीएलओ लगाए गए हैं, जोकि घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से फॉर्म भरवाएंगे। मतदाताओं को ये फॉर्म भर के निर्धारित अवधि में बीएलओ को वापस करने होंगे यदि ऐसा नहीं करेंगे तो उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि राजनीतिक दलों से बीएलए-1 और बीएलए-2 बनाने के लिए अनुरोध किया गया है, जिससे मतदाता सूची के कार्य में पारदर्शिता बनी रहे। प्रदेश में अब तक सबसे अधिक आवेदन भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा ने 15 हजार 808 बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) के आवेदन जमा कराए हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से 12 हजार 858 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, अन्य राजनीतिक दलों की बात करें तो कम्युनिस्ट पार्टी ने 270, जबकि इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने 217 आवेदन निर्वाचन विभाग को सौंपे हैं। हैरानी की बात यह रही कि जननायक जनता पार्टी (जजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की ओर से अब तक एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
ए. श्रीनिवास ने कहा कि यह प्रारंभिक आंकड़े हैं और आने वाले दिनों में इनमें बदलाव संभव है। राजनीतिक दलों की ओर से आवेदन लगातार प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पोलिंग बूथ पर सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की तैनाती सुनिश्चित करना है, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और सभी पक्षों की निगरानी में संपन्न हो सके।
ए श्रीनिवासन ने बताया कि मतदाताओं की ओर से दर्ज कराए गए नाम की ड्राफ्ट 21 जुलाई को जारी होगा, जोकि राजनीतिक दलों को भी दिखाई जाएगी। 21 जुलाई से 20 अगस्त तक मतदाता किसी भी प्रकार के दावे आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे। 21 जुलाई से 18 सितंबर तक दावे आपत्तियों को निपटाने का समय निर्धारित किया गया है।
पत्रकार वार्ता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा ने बताया कि यदि किसी भी मतदाता का नाम या उसके परिवार का नाम वर्ष 2002 में कहीं पर नहीं था तो वह निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज देकर नाम मतदाता सूची में शामिल करवा सकते हैं जो विशेष पुनरीक्षण का कार्य होगा उसमें वर्ष 2024 में तैयार मतदाता सूची की मैपिंग वर्ष 2002 में करवाई जा रही है।
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