सरकारी पैसे पर परिवार और दोस्तों के साथ मौज मस्ती पड़ गई भारी
पांच कर्मचारियों को किया चार्जशीट, 13 के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश

सत्य खबर हरियाणा
Action against corruption : प्रदेश सरकार ने कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में ट्रेनिंग के नाम पर कर्मचारियों द्वारा गलत टीए-डीए बिल का दावा करने और ट्रेनिंग पर अपने साथ परिवार और दोस्तों को ले जाने के मामले में अब कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में पांच क्लेरिकल स्टाफ के कर्मचारियों को चार्जशीट किया गया है, जबकि एक अनुबंध अधिकारी के खिलाफ रिकवरी की सिफारिश की गई है। इस मामले में शामिल एक अधिकारी सेवानिवृत हो चुका है। ग्रुप ए और बी के कुल 13 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश हुई है।

क्या है मामला
जुलाई 2022 में गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय सचिवालय प्रशिक्षण एवं विकास संस्थान ने लेह में ट्रेनिंग कार्यक्रम रखा था। हरियाणा से इस ट्रेनिंग में 20 अधिकारी और कर्मचारी भेजे गए। इन अधिकारियों और कर्मचारियों और आयोजक एजेंसी ने एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दी। 17 अगस्त को विभाग के तत्कालीन महानिदेशक ने तत्कालीन संयुक्त निदेशक (प्रशासन) को जांच के आदेश दिए। संयुक्त निदेशक के तबादले के बाद 5 अगस्त 2025 को फिर जांच के आदेश दिए। जनवरी 2026 में जांच पूरी हुई। रिपोर्ट में कहा कि प्रतिभागियों ने ट्रेनिंग के दौरान दुर्व्यवहार किया। आयोजकों ने ट्रेनिंग कार्यक्रम दूसरे दिन ही रद्द कर दिया था, पर प्रतिभागियों ने विभाग को तुरंत सूचना नहीं दी। लेह में जानबूझकर अनुपस्थिति व अधिक ठहराव के लिए छुट्टी नहीं ली। प्रतिभागियों को 26 जुलाई तक अनुमति थी, पर इन्होंने परिवार और मित्रों के साथ होटल की बोर्डिंग-लॉजिंग सुविधाओं का उपयोग 29 जुलाई तक किया। उस दौरान का 10 लाख रुपए से ज्यादा का गलत टीए-डीए का दावा किया गया। बिना अनुमति लेह थाने में एफआईआर दर्ज कराई। हालांकि, विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने एफआईआर दर्ज होने की जानकारी होने से इनकार किया है।
अटकी थी कार्रवाई
जनवरी में जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद यह मामला पिछले तीन महीने से लगातार अटका हुआ था। इस मामले में अब आईएएस वंदना दिसोदिया को कुछ दिन विभाग की निदेशक लगाया तो उन्होंने तुरंत एक्शन ले लिया। अब पौने चार साल बाद ग्रुप-सी के 5 कर्मचारी चार्जशीट किए गए हैं। ग्रुप-ए व बी के 13 अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। इन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि मंत्री गौरव गौतम तक फाइल पहुंच चुकी है। एक अफसर रिटायर हो चुके हैं। एक अनुबंधित कर्मचारी है, जिससे रिकवरी की सिफारिश की है। ग्रुप ए व बी स्तर के अफसरों पर एक्शन का अधिकार सरकार को है। इसलिए कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
किन-किन पर कार्रवाई
जिन लोगों को चार्जशीट किया गया है उनमें असिस्टेंट कर्मवीर सिंह, श्रीपाल, क्लर्क विपिन कुमार, टेक्निकल असिस्टेंट राकेश कुमार व असिस्टेंट संजीव कुमार शामिल हैं। इनके अलावा अतिरिक्त निदेशक संजीव शर्मा, सहायक निदेशक जगमेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य भूपिंदर सिंह, जगमोहन, अश्वनी कुमार, रविंदर सिंह, जयदीप कादियान, धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार यादव, सहायक निदेशक बलवंत सिंह रावत व बलबीर सिंह, उप अधीक्षक जगदीश चंदर, परियोजना सहयोगी मनोज भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
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