अमेरिका ट्रेड डील, बिजली के निजीकरण, बीज संशोधन बिल और श्रम संहिता के खिलाफ किसान मनाएंगे 1 अप्रैल को काला दिवस
जींद में ललकार रैली में जमकर बरसे किसान नेता

सत्य खबर हरियाणा
Farmers Black Day : जींद शहर की नई अनाज मंडी में मंगलवार को किसानों द्वारा राज्य स्तरीय ललकार रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर राज्य व केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के बैनर तले आयोजित इस रैली में किसानों ने फसल बिक्री को लेकर लगाए जा रहे नए निर्देशों का कड़ा विरोध जताया। रैली को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने प्रदेश सरकार पर धान खरीद में अनियमितताओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार किसानों पर दमनकारी शर्तें थोप रही है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसान इन शर्तों को नहीं मानेंगे और इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग करेंगे। वरिष्ठ किसान नेता जोगेंद्र सिंह उगराहां ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों के हितों और देश की खाद्य सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। वहीं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बिजली के निजीकरण और बीज संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए इसे कृषि के लिए घातक बताया। रैली में अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते से बाहर आने, बीज संशोधन विधेयक व बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा मनरेगा को बहाल करने और चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग को लेकर 1 अप्रैल को मनाए जाने वाले काले दिवस का समर्थन किया गया।

भाकियू हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि भारत अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील किसान और किसानी को बर्बाद करने वाली है। मान ने प्रदेश भर की अनाज मंडियों में उपज खरीदी के लिए अनाप शनाप कानून बना कर भाजपा सरकार ने धरतीपुत्रों को परेशानी में डाल दिया है। जो बर्दाश्त करने के काबिल नहीं है। इसका जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर, कर्ज़ मुक्ति, एमएसपी पर खरीद गारंटी कानून बनाने, बिजली बिल, बीज बिल सहित कई प्रमुख मांगो को भी उठाया। मान ने अंत में बोलते हुए कहा कि सभी किसानों को एकत्रित होकर अपनी आवाज को बुलंद करना होगा।
उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल किसानों का भला नहीं करना चाहता है। केवल किसान एकता ही किसानों को बचा सकता है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द बातचीत नहीं की तो पूरे प्रदेश में मंत्रिमंडल के बहिष्कार का आह्वान किया जाएगा। साथ ही पुलिस मामलों की धमकियों को लेकर कहा गया कि किसान आंदोलन इससे डरने वाला नहीं है। रैली के दौरान किसानों ने उपायुक्त को ज्ञापन लेने के लिए मंच पर बुलाया। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि किसानों की मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर मास्टर बलबीर सिंह, कंवरजीत सिंह, सुखदेव जम्मू, सूबेदार रणबीर, विकास सीसर, सुखविंदर सिंह, मास्टर सतीश, तेजेंद्र थिंद, हंस राज राणा, कैप्टन रणधीर चहल, सुरजीत सिंह, सुमित सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे।
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