पंजाब में ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान का असर, 3 महीने में 49 हजार से ज्यादा अपराधियों पर कार्रवाई

पंजाब में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाया जा रहा बड़ा अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ अब अपने असर दिखाने लगा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की निगरानी और गौरव यादव के नेतृत्व में चल रहे इस ऑपरेशन ने महज तीन महीनों में अपराधियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की है।
20 जनवरी से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य केवल गैंगस्टरों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क—फंडिंग, लॉजिस्टिक और संचार तंत्र—को जड़ से खत्म करना है। इसी रणनीति के तहत पुलिस ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान चलाया।
आंकड़ों के अनुसार, तीन महीनों में कुल 49,298 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें 47,116 वांछित आरोपी और 2,182 गैंगस्टरों के सहयोगी शामिल हैं। इसके अलावा एहतियातन कार्रवाई के तहत 10,254 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि जांच के बाद 16,439 लोगों को रिहा भी किया गया।
इस अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने 408 हथियार, 148 धारदार हथियार, 1,197 कारतूस, 122 मैगजीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 6 हैंड ग्रेनेड जब्त किए हैं। इससे साफ है कि गैंगस्टर नेटवर्क की ताकत को कमजोर करने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
नशे के कारोबार पर भी इस ऑपरेशन ने बड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने 378 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 301 किलोग्राम अफीम, 2,800 किलोग्राम से ज्यादा भूक्की और लाखों नशीली गोलियां बरामद की हैं। इसके साथ ही करोड़ों रुपये की ड्रग मनी, नकदी और सोना भी जब्त किया गया है।
अवैध व्यापार पर लगाम कसते हुए पुलिस ने 24,000 लीटर से अधिक अवैध शराब भी जब्त की है। गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए 4,229 मोबाइल फोन, 815 वाहन और 31 ड्रोन भी बरामद किए गए हैं, जो उनके संचालन का हिस्सा थे।
प्रमोद बान ने कहा कि यह अभियान केवल गैंगस्टरों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में काम कर रहा है। अब कार्रवाई का दायरा गैंगस्टरों के साथ-साथ उनके संरक्षकों तक भी बढ़ा दिया गया है।
पुलिस ने आधुनिक तकनीक, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी सहारा लिया है, जिससे अपराधियों की ट्रैकिंग और निगरानी और तेज हो गई है। साथ ही आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन भी शुरू की गई है।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि पंजाब में गैंगस्टर कल्चर के लिए कोई जगह नहीं है। आने वाले समय में इस अभियान को और तेज करने की तैयारी है, जिससे राज्य को अपराध-मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।