केजरीवाल सिसोदिया के बाद अब दुर्गेश पाठक का भी अदालत से अलग होने का फैसला

दिल्ली के चर्चित आबकारी मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है जहां आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की कार्यवाही में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस कदम को मामले की कानूनी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले भी कई प्रमुख नेताओं ने इसी तरह की स्थिति अपनाई थी।
इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर चुके हैं। अब दुर्गेश पाठक का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि वह अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं और इस मामले में अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने में असमर्थ हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ओर से कोई वकील भी इस सुनवाई में उपस्थित नहीं होगा।

सीबीआई की अपील याचिका पर आज होनी है महत्वपूर्ण सुनवाई
इस मामले में आज दिल्ली हाई कोर्ट में सीबीआई की अपील याचिका पर सुनवाई होनी है जो न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है। माना जा रहा है कि अदालत इन सभी पत्रों और आवेदनों पर विचार कर सकती है और इस पर कोई महत्वपूर्ण आदेश पारित किया जा सकता है। आबकारी नीति मामले में पहले से ही कई कानूनी और राजनीतिक मोड़ सामने आ चुके हैं और यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
आबकारी घोटाला मामला लगातार बढ़ा रहा राजनीतिक और कानूनी दबाव
आबकारी नीति घोटाला मामला पिछले कई महीनों से राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और जांच एजेंसियां लगातार इसकी जांच कर रही हैं। लगातार हो रहे नए घटनाक्रमों से यह मामला और अधिक जटिल होता जा रहा है। अब सभी की नजर आज होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई है कि अदालत इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाती है और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।