जिनके टायर पंचर हो जाएं, वे अक्सर पार्किंग में ही खड़े मिलते हैं : नायब सैनी
कहा, न निंदा प्रस्ताव था न राजनीतिक, बस महिलाओं का समर्थन था

सत्य खबर हरियाणा
Haryana Assembly : हरियाणा लिपिकीय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें ) विधेयक 2026 के पास होने के साथ ही हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र समाप्त हो गया। विशेष सत्र के समापन पर राज्य गीत प्रस्तुत किया गया। इससे पहले हरियाणा लिपिकीय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें ) विधेयक 2026 को सीएम नायब सैनी ने विधानसभा में पेश किया।

आज सुबह हरियाणा विधानसभा में हरियाणा के मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल के समर्थन में प्रस्ताव रखा जिस पर सदन में चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि मैं आज की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताना चाहूंगा। बीएसी की बैठक बहुत अच्छी तरीके से हुई। सार्थक चर्चा हुई। बैठक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूछा कि क्या सरकार सत्र में कोई निंदा प्रस्ताव ला रही है? जबकि मैं साफ करना चाहूंगा कि प्रस्ताव में कोई निंदा शब्द नहीं है। ना ही यह कोई राजनीतिक प्रस्ताव है। मैंने कहा कि यह प्रस्ताव केवल हमारी बहन माता बेटियों के अधिकार और सशक्तिकरण का प्रस्ताव हम लेकर आए हैं। लेकिन जब विधानसभा सत्र की शुरुआत हुई तो एक भी कांग्रेसी विधायक सदन में मौजूद नहीं था, जबकि महिलाओं के अधिकारों के लिए चर्चा हो रही थी।
हम चाहते हैं कि हरियाणा विधानसभा में महिला अधिकार को लेकर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जाए, लेकिन महिला अधिकार को लेकर कोई भी सदस्य विधानसभा में कांग्रेस का मौजूद नहीं है। वहीं नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा विधानसभा की पार्किंग में डुप्लीकेट सेशन चला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि, जिनके टायर पंचर हो जाएं, वे अक्सर पार्किंग में ही खड़े मिलते हैं। हरियाणा विधानसभा के इतिहास में ये पहली बार हुआ है जब किसी पार्टी के सदस्य विधानसभा परिसर में पहुंचे हो, लेकिन सदन में नहीं आए और पार्किंग में बैठे रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष महिला अधिकारों पर चर्चा की बजाए ढोंग रच रहा है। जनता ने जिन्हें बहस के लिए सदन में भेजा था, वे पार्किंग में खड़े होकर परछाइयों से लड़ रहे हैं। कांग्रेस की आज की कार्यशैली भीमराव अंबेडकर के दिए संविधान का अपमान है। विपक्ष को सदन में आना चाहिए था, वे चुप बैठे रहते या वॉक आउट कर देते, लेकिन बाहर सदन चला कर ढोंग रचने की क्या जरूरत है। ना कायदा, ना कार्रवाई, न अध्यक्ष का सम्मान, गाड़ियों में चल रहा है कांग्रेस का संविधान। कांग्रेस के सदस्य आज संविधान को तार तार करने में लगे हैं। हरियाणा की जनता ने आज पहली बार देखा है कि जनता की लड़ाई विधानमंडल की बजाय वाहन मंडल में लड़ी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह के बयान पर ध्यान दिलाना चाहते हैं उनका कहना था कि उनकी कांग्रेस पार्टी की सोच बदलनी चाहिए। विधायक जरनैल सिंह के विचारों की कांग्रेस को कद्र करनी चाहिए। विपक्ष के व्यवहार को देखते हुए अब निंदा प्रस्ताव बनता है। हालांकि हमने पहले ये शब्द नहीं जोड़ा था। इनेलो के सदस्यों ने अपनी बातें रखी हैं। उन्होंने भी इस पर चिंता जाहिर की है। विधायक अर्जुन चौटाला ने परिसीमन को लेकर सवाल उठाए हैं। यदि सरकार जनगणना और परिसीमन का इंतजार करती तो आने वाले आम चुनाव में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू नहीं हो सकता है क्योंकि जनगणना और परिसीमन के काम में लंबा वक्त लगता है जिसके चलते महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता। महिलाओं को समय पर लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में लाए थे।
इससे पहले कांग्रेस के निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने सदन में कहा कि समझ नहीं आ रहा है कि विपक्ष क्यों महिला आरक्षण बिल का विरोध कर रहा है। वे बाहर सत्र चलने से अच्छा अंदर आ कर अपनी बात करते। इस बिल का विरोध नहीं होना चाहिए था। सर्वसम्मति से पास होना चाहिए था। मां बहनों को हम इसको लेकर क्या जवाब देंगे। मैं अपने नेताओं को सुझाव दूंगा इस बिल का समर्थन करें।
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