हांसी के गांव चैनत में पानी को लेकर ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने
ग्रामीण बोले, सरकार से हुआ समझौता, प्रशासन ने कहा कोई बात नहीं हुई

सत्य खबर हरियाणा
Uproar in Hansi : हांसी के गांव चैनत में 40 दिन से चल रहे पानी को लेकर आंदोलन में बीती रात ग्रामीण और पुलिस प्रशासन के बीच बवाल हो गया। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए टी पॉइंट को जेसीबी की मदद से उखाड़ दिया गया। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष में पास थाना में तैनात एक एएसआई प्रीतम सिंह के सिर में चोट लगी है। इस संघर्ष में कई महिलाओं के घायल होने का दावा किया जा रहा है। पुलिस रात को टी पॉइंट उखाड़ कर ले गई।

20 जून को सरपंच एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सोमेश कुमार सरकार के प्रतिनिधि के रूप में धरनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा था कि उन्हें सरकार ने भेजा है और उनकी सभी मांगें मान ली गई हैं। साथ ही दावा किया था कि टी-पॉइंट का काम उसी दिन शुरू हो चुका है और इसे पाइपलाइन से जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद धरनास्थल पर इसकी घोषणा भी की गई। इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से पांचों बुजुर्गों को जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन तुड़वाया। आज सोमेश कुमार से बातचीत नहीं हो पा रही है।

ठीक अगले ही दिन 21 जून को जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी ने अवैध रूप से टी पॉइंट लगाने के मामले में ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। उनका कहना है कि आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था जिसके चलते अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाए गए कानून के अनुसार इस मामले में आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
जैसे ही मुकद्दमें दर्ज करवाए जाने की बात सामने आई ग्रामीण साफ कर दिया कि वह मुकदमा दर्ज होने से डरने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार और विश्वास करते हुए की कनेक्शन लगवाया था लेकिन अब इस मामले में मुकदमा दर्ज होने की खबर आई है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद ग्रामीणों को यह समझ नहीं आ रहा था की चाल क्या रहा है? उन्होंने सरपंच एसोसिएशन के पूर्व प्रधान पर विश्वास किया था, लेकिन अब किसकी बात को माना जाए। दिन किसी तरह निकल गया और आधी रात को पुलिस प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर गांव में पहुंच गई और ग्रामीण तथा पुलिस के बीच आमना-सामना हो गया।

जब रात को प्रशासन और भारी पुलिस बल गांव पहुंचा और टी-पॉइंट हटाने की कार्रवाई शुरू की तो ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि सरकार उनकी मांगें मान चुकी है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस संबंध में सरकार और ग्रामीणों के बीच कोई सहमति या बातचीत नहीं हुई है। इसके बाद भारी हंगामे के बीच प्रशासन की टीम टी-पॉइंट उखाड़कर अपने साथ ले गई। इस मौके पर गांव में DC राहुल नरवाल और SP विनोद कुमार भी मौजूद थे।
ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए बवाल में बास थाना में तैनात ASI प्रीतम सिंह के सिर में चोट लग गई। उन्हें हांसी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में कुछ महिलाओं को भी चोटें आई हैं। हालांकि, उन्होंने किसी घायल महिला का नाम नहीं बताया।
तीन दिन पहले चैनत गांव में ग्रामीणों ने थालियां बजाकर जश्न मनाया था। उस समय दावा किया गया था कि सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने पाइपलाइन पर टी-पॉइंट लगा लिया था। लेकिन बीती रात ग्रामीणों का यह जश्न समाप्त हो गया।
कब से चल रहा था धरना
16 मई को चैनत गांव के ग्रामीणों ने पानी की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। 1 जून को ग्रामीणों ने पाइपलाइन उखाड़ने की कोशिश की थी। ग्रामीण हथौड़े और लोहे की रॉड लेकर मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इसके साथ ही उन्होंने हांसी-बरवाला रोड पर बड़े पाइप डालकर जाम लगा दिया था, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी।
क्यों हो रहा पानी को लेकर विवाद
बरवाला के राजली हेड से भाखड़ा का पानी हांसी शहर पाइपलाइन के जरिए पहुंचाया जाएगा। इसके लिए पेयजल पाइपलाइन बरवाला के गांव राजली स्थित राजली भाखड़ा हेड से हांसी शहर तक बिछाई जा रही है। इस परियोजना पर करीब 80 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यह काम सरकार की अमृत योजना के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य हांसी शहर में पेयजल की कमी को दूर करना है।
करीब 30 किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन का निर्माण कार्य फिलहाल राजली से चैनत गांव तक पहुंच चुका है। पाइपलाइन को आगे हांसी तक ले जाने के लिए इसे चैनत गांव से होकर गुजरना है। हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि उनके गांव को भी इसी पाइपलाइन से पेयजल कनेक्शन दिया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब पाइपलाइन उनके गांव से होकर गुजर रही है तो उन्हें भी इसका लाभ मिलना चाहिए। वहीं प्रशासन का तर्क है कि यह परियोजना विशेष रूप से हांसी शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है, इसलिए योजना के तहत गांव को इससे पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।
#Haryana #ChainatVillage #Hansi #WaterCrisis #Villagers #PoliceConfrontation #CommunityIssues #WaterRights #LocalNews #SocialJustice #RuralIndia #WaterScarcity #CivicEngagement #PublicSafety #ConflictResolution #SustainableWater #HaryanaNews #VillageLife #CommunitySolidarity #WaterManagement