योगी आदित्यनाथ का दावा भारत ने शक्ति होते हुए भी कभी विचार नहीं थोपे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म की महानता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति ने कभी किसी को गुलाम नहीं बनाया। भारत ने हमेशा मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है। हमारे पास शक्ति और बुद्धि दोनों थीं फिर भी हमने कभी उनका दुरुपयोग नहीं किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म की आत्मा सहिष्णुता और सेवा में बसती है। यह धर्म किसी पर अपने विचार थोपने की शिक्षा नहीं देता। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि भारत की पहचान विश्व में एक मार्गदर्शक के रूप में बनी है। यह विचार आज की पीढ़ी के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है जितना प्राचीन काल में था।
स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रीय युवा दिवस की प्रेरणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Swami Vivekananda की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह अवसर National Youth Day के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की शाश्वत संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को विश्व पटल पर स्थापित किया। उस समय भारत आत्म विस्मृति के दौर से गुजर रहा था। कुछ विदेशी आक्रांताओं ने देश को गुलामी की जंजीरों में जकड़ रखा था। ऐसे कठिन समय में विवेकानंद ने भारत को उसकी पहचान से परिचित कराया। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान का संदेश दिया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि मैं हिंदू हूं और यही उद्घोष भारत की चेतना को जगाने वाला बना।

शिकागो धर्म संसद और भारत की वैश्विक छवि
शिकागो में आयोजित Parliament of Religions में स्वामी विवेकानंद के शब्द आज भी गूंजते हैं। उन्होंने कहा था कि मैं उस भारत की परंपरा से आता हूं जिसने हमेशा मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाया। भारत ने कभी किसी पर अपने विचार बलपूर्वक नहीं थोपे। भारत ने संकट के समय विश्व की अनेक शक्तियों को शरण दी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। वैश्विक अशांति के दौर में हर देश भारत से नेतृत्व की अपेक्षा करता है। यह विश्वास भारत की सांस्कृतिक शक्ति और नैतिक मूल्यों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत की यह छवि सदियों की साधना का परिणाम है।
युवा शक्ति नशा मुक्त भारत और विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग है। उन्होंने Narendra Modi के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेलो तो खिलोगे। हर पंचायत में खेल का मैदान होना चाहिए। इससे युवा नशे से दूर रहेंगे। नशा युवाओं का भविष्य नष्ट कर देता है। इसलिए नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने समाज से अपील की कि इस अभियान में सहभागी बनें। जब समाज के अंतिम व्यक्ति का सरकार पर विश्वास मजबूत होता है तब योजनाएं तेजी से आगे बढ़ती हैं। युवा शक्ति ही उस विश्वास की प्रतीक है। एक नशा मुक्त और सशक्त युवा ही भारत को विश्व गुरु बना सकता है।