श्री अकाल तख्त के सामने AAP ने रखा पक्ष, बेअदबी कानून पर सुझावों के लिए जताई सहमति

पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए बनाए गए संशोधित कानून को लेकर जारी विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपना पक्ष रखा है। पार्टी के विधायकों और कैबिनेट मंत्रियों ने एक लिखित पत्र सौंपकर स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल बेअदबी की घटनाओं को रोकना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है, न कि किसी धार्मिक संस्था के अधिकारों में हस्तक्षेप करना।
बेअदबी कानून की पृष्ठभूमि का किया उल्लेख
पत्र में बताया गया कि वर्ष 2007 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने पंजाब सरकार से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए विशेष कानून बनाने की मांग की थी। इसके बाद वर्ष 2008 में “श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008” बनाया गया। अब उसी कानून को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधन किया गया है।
सरकार की मंशा पर दी सफाई
AAP नेताओं ने पत्र में कहा कि संशोधित कानून का उद्देश्य केवल धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना और भविष्य में बेअदबी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून किसी धार्मिक संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या उसके अधिकारों में हस्तक्षेप करने के लिए नहीं बनाया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भेजा लिखित पक्ष
मुख्यमंत्री भगवंत मान को व्यक्तिगत रूप से श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष तलब नहीं किया गया था। इसके बावजूद उन्होंने अपना लिखित स्पष्टीकरण भेजते हुए कथित विवादित वीडियो पर भी अपना पक्ष रखा। पत्र में उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
सुझावों का किया स्वागत
AAP विधायकों ने पत्र में लिखा कि वे श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्च धार्मिक मर्यादा और सम्मान को स्वीकार करते हैं। यदि कानून में किसी प्रकार की कमी, भ्रम या सुधार की आवश्यकता महसूस होती है, तो सरकार श्री अकाल तख्त और सिख विद्वानों के सुझावों का स्वागत करेगी और उन पर गंभीरता से विचार करेगी।
धार्मिक नहीं, सामाजिक उद्देश्य का दावा
पत्र में यह भी कहा गया कि पंजाब में लगातार सामने आई बेअदबी की घटनाओं और दोषियों को समय पर सजा न मिलने की पीड़ा को देखते हुए यह संशोधन लाया गया है। सरकार का दावा है कि इस कानून का मकसद किसी तरह का राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव की रक्षा करना है।
बेअदबी कानून को लेकर पंजाब की राजनीति और धार्मिक हलकों में चर्चा जारी है। ऐसे समय में AAP द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब को लिखित स्पष्टीकरण देना और सुझावों के लिए खुला रुख अपनाना इस पूरे विवाद में संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।